लखनऊ: सरकारी विभागों में भर्ती कराने के नाम पर युवाओं को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

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लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारतीय खाद्य निगम, रेलवे, स्वास्थ्य विभाग आदि सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने दिलाने व फर्जी प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। स्विफ्ट कार से भाग रहे थे आरोपी, दौड़ाकर किया गिरफ्तार एसटीएफ ने अयोध्या के तारुन …

लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारतीय खाद्य निगम, रेलवे, स्वास्थ्य विभाग आदि सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने दिलाने व फर्जी प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

स्विफ्ट कार से भाग रहे थे आरोपी, दौड़ाकर किया गिरफ्तार

एसटीएफ ने अयोध्या के तारुन थानांतर्गत फतेहपुर कमासिन में गुप्त सूचना पर छापेमारी करके एक स्विफ्ट कार में भाग रहे इस गिरोह के 06 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मौके पर 15 फर्जी ट्रेनिंग शिड्यूल, खाद्य निगम से जारी 10 फर्जी मार्कशीट, 12 फर्जी आईकार्ड, फर्जी हाजिरी रजिस्टर, फर्जी परिचय पत्र रजिस्टर आदि बरामद किये हैं।

गिरफ्तार अभियुक्तों में गिरोह का सरगना अयोध्या के महाराजगंज का निवासी राजकपूर सिंह उर्फ राजीव माथुर, अयोध्या निवासी विशाल प्रजापति, विमल कुमार वर्मा, व नकुल सिंह उर्फ अनुराग प्रजापति, लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित त्रिवेणी नगर निवासी सौरभ सिंह, प्रयागराज निवासी सचिन श्रीवास्तव उर्फ रंजन शामिल हैं।

फर्जी एजीएम बनकर युवाओं से करते थे ठगी

पूछताछ में गिरोह सरगना राजकपूर सिंह ने बताया कि वह खाद्य निगम का फर्जी एजीएम ट्रेनिंग व दुर्गाशरण मिश्रा फर्जी एजीएम खाद्य निगम बनते थे। गिरोह के दूसरे सदस्य बेरोजगार युवाओं को लाकर राजकपूर और दुर्गाशरण से मिलाते थे।

नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम ली जाती थी। इसके बाद युवकों को अयोध्या के गद्दोपुर स्थित खाद्य निगम के गोदाम ले जाते थे, जहां पूर्व से बैठा एक सदस्य युवाओं से फॉर्म भरवाता था। युवाओं को बोला जाता था कि उन्हें डाक से ज्वाइनिंग लेटर पहुंचेगा। फर्जी ज्वाइनिंग लेटर के साथ युवाओं को ट्रेनिंग का पता भेजा जाता था। ट्रेनिंग सेंटर पर युवाओं से फर्जी रजिस्टर में हस्ताक्षर भी लिये जाते थे। फर्जी रूप से 90 दिन की ट्रेनिंग युवाओं को दी जाती थी। वहीं युवाओं को फील्ड नौकरी के नाम पर फर्जी परिचय पत्र बनाकर दे दिया जाता था।

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