अयोध्या: सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत के बाद जिले की 36 सीचएसी व 18 पीएचसी अलर्ट पर, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
अयोध्या। गोसाईगंज विधानसभा में भाजपा-सपा समर्थकों की भिड़ंत के बाद से प्रशासन सजग हो गया है। जनपद में छह दिन बाद होने वाले चुनाव को देखते हुए पांचों विधानसभाओं में स्थित 36 सीएचसी व 18 पीएचसी को अभी से अलर्ट कर दिया है। सीएमओ ने सभी चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टॉफ की छुट्टियों भी रद कर …
अयोध्या। गोसाईगंज विधानसभा में भाजपा-सपा समर्थकों की भिड़ंत के बाद से प्रशासन सजग हो गया है। जनपद में छह दिन बाद होने वाले चुनाव को देखते हुए पांचों विधानसभाओं में स्थित 36 सीएचसी व 18 पीएचसी को अभी से अलर्ट कर दिया है। सीएमओ ने सभी चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टॉफ की छुट्टियों भी रद कर दी हैं। चिकित्सकों से 24 घंटे तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।
27 फरवरी को अयोध्या की पांच सीटों पर होना है वोट
पांचवें चरण में 27 फरवरी को अयोध्या जनपद की पांचों विधानसभा में मतदान होना है। ऐसे में जिला प्रशासन ने जहां एक तरफ उस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टॉफ की छुट्टियां रद कर दी गई है। उन्हें अभी से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। दरअसल, गोसाईगंज विधानसभा में सपा-भाजपा समर्थकों में टकराव को देखते हुए प्रशासन कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहता है।
प्रशासन ने पुलिस को सतर्क रहने को कहा
दो बार दोनों समर्थकों में भिड़ंत हो चुकी है। हालांकि मामले में कोई जनहानि नहीं हुई थी। जिले में कुल 36 सीएचसी व 18 पीएचसी है। देहात क्षेत्र में 30 व नगरीय क्षेत्र में 6 सीएचसी है। वहीं पीएचसी की बात करें तो 13 देहात व 6 नगरीय क्षेत्रों में हैं। सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बताया कि हमने सभी को पत्र जारी कर दिया है।
साथ ही जनपद के जिला अस्पताल, श्रीराम चिकित्सालय व मेडिकल कॉलेज को भी अलर्ट पर रखा है। इधर, प्रशासन ने पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी विधानसभाओं में भारी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं।
इधर, ड्यूटी कटवाने के लिए खूब चल रही है मनुहार
विधानसभा चुनाव में ड्यूटी कटवाने को लेकर इस बार भी खूब जोड़ जुगत चल रही है। ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी तरह-तरह के बहाने के साथ प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। मतदान कार्मिक प्रभारी सीडीओ के कार्यालय में ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारी चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि ऐसे कर्मचारियों को जब मेडिकल बोर्ड रेफर किया जाता है तो वे वहां पहुंच नहीं रहे हैं।
यही नहीं ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मी प्रत्याशियों के यहां भी फेरा लगा रहे हैं। बताया जाता है कि ऐसे कर्मचारियों के साथ प्रत्याशी भी पूरे परिवार के साथ वोट देनें के लिए कह रहे हैं तब ड्यूटी कटवाने की हामी भरते हैं। ड्यूटी कटवाने को कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा स्वास्थ्य कारण का सहारा लिया है, लेकिन यह स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने बेकार साबित हो रहे हैं।
विकास भवन में 1500 से अधिक आवेदन आए थे, जिसमें 600 की ही चुनाव ड्यूटी कट सकी है, जबकि विकास भवन में अब तक चार हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। हालांकि ज्यादातर लोग दूसरी और तीसरी बार भी आवेदन कर रहे हैं। प्रभारी कार्मिक व सीडीओ अनीता यादव ने बताया कि कई चरणों में आवेदन आए हैं। जिन पर जांच के बाद ही फैसला लिया जा रहा है।
