बिजनौर : नहर की साइड टूटने से कई बीघा गेहूं की फसल जलमग्न, किसानों ने की आर्थिक मदद की मांग

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हीमपुर दीपा/बिजनौर। शनिवार को खेड़ा गांव के अजीजपुर जंगल में अचानक नहटौर शाखा की नहर का जलस्तर बढ़ने से एक साइड टूट गई। जिससे नहर के निकट की कई बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा दर्जनों किसानों की फसल अभी नष्ट होने की कगार पर है। हालांकि सिंचाई विभाग ने मरम्मत कार्य …

हीमपुर दीपा/बिजनौर। शनिवार को खेड़ा गांव के अजीजपुर जंगल में अचानक नहटौर शाखा की नहर का जलस्तर बढ़ने से एक साइड टूट गई। जिससे नहर के निकट की कई बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा दर्जनों किसानों की फसल अभी नष्ट होने की कगार पर है। हालांकि सिंचाई विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।

खेड़ा गांव निवासी किसान कमला देवी के खेत के निकट नहटौर शाखा के टेल कॉन्प्लेक्स के पास नहर का जलस्तर बढ़ने से एक साइड टूट गई। नहर का पानी खेत में पहुंचने से उनकी 15 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। बताया कि फसल के ऊपर मिट्टी की परत चढ़ गई। पुल के निकट किसान अर्जुन सिंह दो बीघा फसल पानी में डूब गई।
इसके अलावा उलेढ़ा माइन तीन जगह से टूटा। जिसमें रजनीश, आनंद व राम अवतार के खेत जलमग्न हो गए। माढ़ी गांव के जंगल में वकैना माइनर टूटने से 60 बीघा फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई। अचानक अधिक मात्रा में पानी आने से विभिन्न स्थानों पर नहर की पटरी टूटी। जिससें किसानों की गेहूं, सरसो, गन्ना आदि समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है।

नहर की पटरी टूटने से सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारी व कर्मचारी नहर के फालतू पानी के दूसरी नहर में छोड़ने में जुट गए। जेई माहित कुमार, जिलेदार रामगोपाल, सीच पर्यवेक्षक देवेंद्र कमार आदि ने बताया कि नहर में अचानक आए फालतू पानी को दूसरी नहर में भेजा जा रहा है। टूटी पटरी की मरम्मत का कार्य भी शुरू करा दिया है। पानी अचानक क्यों और किसने कितना पानी छोड़ा, इस बारे में वह कोई जवाब नहीं दे सके।

किसानों ने आर्थिक मदद की मांग
नहर की पटरी टूटने से सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य में जुट गए। जहां से पटरी टूटने की आशंका है, वहां उन्होंने मिट्टी आदि डालर उसे मजबूत किया, लेकिन किसानों से उनके नुकसान की बात किसी ने नहीं पहुंची। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने मौजूद विभाग के अधिकारियों से मदद दिलाने की मांग की है।

सिंचाई विभाग के एसडीओ सुशील कुमार ने कहा कि जो भी प्रावधान होगा उसके नियमानुसार प्रभावित हुए किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

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