लखीमपुर-खीरी: चार महीने बाद भी ट्विटर हैंडल पर नहीं बदले एसपी

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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। प्रदेश सरकार यूपी पुलिस को हाईटेक करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। सोशल मीडिया पर भी यूपी पुलिस काफी हाईटेक है, लेकिन लखीमपुर खीरी पुलिस इससे कोसों दूर खड़ी है। आलम यह है कि चार महीने पहले तिकुनियां कांड को लेकर हटाए गए एसपी विजय ढुल आज भी खीरी …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। प्रदेश सरकार यूपी पुलिस को हाईटेक करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। सोशल मीडिया पर भी यूपी पुलिस काफी हाईटेक है, लेकिन लखीमपुर खीरी पुलिस इससे कोसों दूर खड़ी है। आलम यह है कि चार महीने पहले तिकुनियां कांड को लेकर हटाए गए एसपी विजय ढुल आज भी खीरी पुलिस के ट्विटर हैंडल पर आज भी आईपीसी विजय ढुल की मौजूदगी है। बकायदा उनका फोटो भी लगा है।

शासन ने पीड़ितों की शिकायतों को सुनकर उनका निस्तारण करने के लिए सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को विभागीय और पदेन ट्विटर पर सक्रिय होने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पुलिस महकमे में भी दो ट्विटर हैंडल बनाए गए थे। एक ट्विटर हैंडल खीरी पुलिस के नाम से चल रहा है, जबकि दूसरा एसपी खीरी के नाम से है। लखीमपुर खीरी पुलिस जिले में होने वाले गुडवर्क को इसी प्लेटफार्म पर अपलोड करती है। यदि कोई पीड़ित अपनी शिकायत इस ट्वीटर हैंडल पर अपलोड करता है तो उस पर भी कार्रवाई करती है। डीजीपी से लेकर कोतवाली व थानों के भी ट्विटर हैंडल हैं।

पुलिस महानिदेशक, आईजी से लेकर संबंधित थानों की पुलिस किए गए ट्विटर पर जवाब भी देती है। सोशल मीडिया खासतौर पर ट्विटर हैंडल पर अधिकारियों के एकाउंट बनवाने और उन्हें सक्रिय करने करे पीछे सरकार की मंशा थी कि शिकायत अधिकारियों के संज्ञान में आने पर उसका समय से और गुणवत्तापूवर्क निस्तारण होगा। साथ ही त्वरित कार्रवाई होने से सरकार और पुलिस महकमे की छवि जनता की नजर में काफी अच्छी होगी। कानून का राज स्थापित करने में भी सरकार को काफी मदद मिलेगी।

खीरी पुलिस का ट्विटर हैंडल तो क्रियाशील है, लेकिन यदि एसपी खीरी के ट्विटर हैंडल पर नजर डाले तो पुलिस इस साइट को लेकर कितना संजीदा और लापरवाह है। इसकी कलई खुलकर सामने आ गई है। वहीं एसपी की भी जिले की कानून व्यवस्था को लेकर कितना सजग है। इसका भी सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। तीन अक्तूबर को तिकुनियां हिंसा में चार किसानों, एक पत्रकार और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की जान चली गई थी। इस घटना में के बाद शासन ने पहले डीएम डॉ अरविंद चौरसिया को हटाया था।

उसके एक हफ्ते बाद 12 नवंबर 21 को एसपी विजय ढुल को पुलिस अधीक्षक पद से हटाकर डीजीपी कार्यालय लखनऊ से सबद्ध कर दिया था। संजीव सुमन को लखीमपुर खीरी का एसपी बनाया था। संजीव सुमन ने बतौर पुलिस अधीक्षक 12 नवंबर को जिले का कार्य भार गृहण कर लिया था। उनके पुलिस अधीक्षक खीरी बने करीब साढ़े तीन माह का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी ट्विटर हैंडल पर आईपीएस विजय ढुल ही एसपी खीरी हैं। इस ट्विटर हैंडल पर एसपी का फोटो तक भी नहीं बदला गया है। बकायदा उन्हीं का आज भी फोटो लगा है।

मुझे इसकी जानकारी नहीं है। इसे दिखवा रहा हूं। यदि पूर्व एसपी का फोटो लगा है तो उसे बदलवाया जाएगा।-संजीव सुमन, एसपी

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