लखीमपुर-खीरी: पानी की समस्या से जूझ रहे कई मोहल्ले, शहर में 250 से ज्यादा नल रिबोर की स्थिति में पहुंचे

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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। नगर पालिका परिषद के 30 वार्डाे के नगरवासी स्वच्छ जल के लिए तरस रहे हैं। इन वार्डों में या तो इंडिया मार्का हैंडपंप लगे ही नहीं है। अगर लगे भी हैं तो वह रिबोर होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। बीते 2021 में नगर पालिका ने सर्वे कराया था जिसमें 180 …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। नगर पालिका परिषद के 30 वार्डाे के नगरवासी स्वच्छ जल के लिए तरस रहे हैं। इन वार्डों में या तो इंडिया मार्का हैंडपंप लगे ही नहीं है। अगर लगे भी हैं तो वह रिबोर होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। बीते 2021 में नगर पालिका ने सर्वे कराया था जिसमें 180 इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर होने की हालत में पाए गए थे। 2022 आने तक यह संख्या 250 के पार पहुंच चुकी है।

बता दें कि शहर की करीब दस लाख से अधिक की आबादी वाला लखीमपुर शहर के लोग पानी की उपलब्धता के लिए ज्यादातर नलों पर निर्भर रहते है। ऐसे में 250 से अधिक नल खराब होना अपने आपमें एक बड़ी समस्या बनी बनकर उभर रही है। एक साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी नल रिबोर होने का इंतजार कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि आने वाली गर्मी के मौसम में लोगों की प्यास कैसे बुझेगी? गर्मी के मौसम ने अभी सही से दस्तक भी नहीं दी है, लोग पानी की समस्या से जूझते हुए दिखाई दे रहे हैं।

नगरवासी या तो नगर पालिका द्वारा सप्लाई किए जा रहे है पानी पर आश्रित हैं, वहीं तमाम लोग मोहल्लों  में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से निकलने वाले पानी से अपनी प्यास और रोजमर्रा की गतिविधियों को अंजाम देते हैं, लेकिन शहर के 30 वार्डों में लगे ज्यादातर इंडिया मार्का हैंडपंप या तो पूर्ण रूप से खराब हो चुके हैं या फिर वह रिबोर होने की हालत में पहुंच गए हैं।

2021 में जल निगम से बजट की आस देखकर नगर पालिका के जेई जल ने एक सर्वे किया था इसके आधार पर 30 वार्डों में करीब 180 हैंड पंप रिबोर होने की हालत में पाए गए थे जिसकी सूची उन्होंने जल निगम को भेज दी थी 1 साल का समय बीतने के बाद भी इन इंडिया मार्का हैंडपंपों को रिबोर कराने का कार्य नहीं किया जा सका है जबकि अब यह संख्या बढ़कर ढाई सौ के पार पहुंच गई है। कई मोहल्ले के रहने वाले लोग इंडिया मार्का हैंडपंप से निकलने वाले पानी पर ही आश्रित हैं।

अब जब इन नलों से गंदा पानी निकलेगा तो किस तरह से अपनी प्यास बुझाएंगे यह भी एक अपने आपमें अहम प्रश्न है। नगर पालिका के ईओ आरआर अंबेश भी इस मामले को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं दिख रहे हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि आने वाली जून-जुलाई में लोग एक एक बूंद पानी के लिए तरस जाएंगे।

सुबह शाम ही होती है वाटर सप्लाई
नगर पालिका द्वारा नलों में की जा रही वाटर सप्लाई नगर वासियों को सुबह-शाम नहीं मिल पा रही है। वहीं पूरी-पूरी दोपहर पानी की आस में लोग बैठे रहते हैं। नगर वासियों ने नगर पालिका के ईओ से 24 घंटे वाटर सप्लाई शुरू कराए जाने की मांग की है जिससे आवश्यकता के समय उन्हें पानी आसानी से मिल सके और समय की भी बचत हो सके।

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