लखनऊ: केजीएमयू में जल्द शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट, अगले पांच साल के लिए मिली अनुमति

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लखनऊ। गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। विशेषकर उन मरीजों को जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है। राजधानी का जाना माना चिकित्सा संस्थान किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दरअसल, केजीएमयू में …

लखनऊ। गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। विशेषकर उन मरीजों को जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है। राजधानी का जाना माना चिकित्सा संस्थान किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

दरअसल, केजीएमयू में बीते कई साल से किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की भारी तादाद को देखते हुए किडनी ट्रांसप्लांट यानी कि किडनी ट्रांसप्लांट करने की बात चल रही थी, कई बार इसके लिए तैयारियां भी की गयीं, लेकिन गुर्दा  प्रत्यारोपण शुरू नहीं हो पाया।

एक बार फिर केजीएमयू प्रशासन में किडनी ट्रांसप्लांट करने की अनुमति के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग में आवेदन किया था, जिसको देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बीते बुधवार को आदेश जारी कर दिया है।

आदेश मिलते ही केजीएमयू प्रशासन ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम का गठन भी कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिन मरीजों का गुर्दा प्रत्यारोपण होना है, उनको भी चिन्हित कर जांच समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। मौजूदा समय में करीब 60 मरीजों का केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल में डायलिसिस भी हो रहा है, इन्हीं में से कुछ मरीजों का पहले चरण में गुर्दा प्रत्यारोपण किया जाना है।

मौजूदा समय में राजधानी के दो चिकित्सा संस्थान एसजीपीजीआई तथा लोहिया संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा है, लेकिन वहां पर गुर्दा प्रत्यारोपण कराने के लिए मरीजों को महीनों का इंतजार करना पड़ता है। इसके पीछे का कारण मरीजों की भारी संख्या बताई जा रही है। ऐसे में केजीएमयू में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से निश्चित तौर पर किडनी ट्रांसप्लांट की राह देख रहे मरीजों को राहत मिलेगी।

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