यूपी चुनाव 2022: सातवें चरण के मतदान से पहले मायावती का बड़ा बयान, कहा- प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम करेंगे मतदाता
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव में अब तक छह चरणों का मतदान हो चुका है और सातवें चरण के लिए 7 मार्च को मतदान होना है। जिसके लिए बीते शनिवार को चुनाव थम गया है। ऐसे में बसपा प्रमुख मायावती ने सातवें चरण के मतदान को लेकर बड़ा दावा किया है। मायावती को भरोसा है कि …
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव में अब तक छह चरणों का मतदान हो चुका है और सातवें चरण के लिए 7 मार्च को मतदान होना है। जिसके लिए बीते शनिवार को चुनाव थम गया है। ऐसे में बसपा प्रमुख मायावती ने सातवें चरण के मतदान को लेकर बड़ा दावा किया है। मायावती को भरोसा है कि सातवें फेज के मतदान के दौरान भी मतदाता बेहद सजग तथा सक्रिय रहेंगे और प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम करेंगे।
1. यूपी के 9 जिलों की 54 विधानसभा सीटों पर कल 7वें व अन्तिम चरण के मतदान में यहाँ गरीबी व बेरोजगारी के सताए हुए उपेक्षित लोग अपने वोट की ताकत से अपनी तकदीर तथा प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम कर सकते हैं, जिसके लिए बीएसपी की सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की आयरन सरकार बनानी जरूरी।1/3
— Mayawati (@Mayawati) March 6, 2022
मायावती ने आज रविवार को एक बाद एक लगातार तीन ट्वीट से मतदाताओं को संदेश दिया है। मायावती ने कहा कि नौ जिलों के 54 विधानसभा सीटों पर कल सातवें व अन्तिम चरण के मतदान में यहां गरीबी व बेरोजगारी के सताए हुए उपेक्षित लोग अपने वोट की ताकत से अपनी तकदीर तथा प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम कर सकते हैं। जिसके लिए बीएसपी की सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की सरकार बनानी जरूरी।
3. विरोधी पार्टियों ने धनबल सहित साम, दाम, दण्ड, भेद आदि सभी प्रकार के हथकण्डों को अपनाकर यूपी के चुनाव को अपने पक्ष में करने का खूब जतन किया, लेकिन जानलेवा महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, सरकार की निरंकुशता व आवारा पशु आदि से पीड़ित जनता अपने बुनियादी मुद्दों पर डटी रही है। 3/3
— Mayawati (@Mayawati) March 6, 2022
उन्होंने कहा कि जग-जाहिर है कि विरोधी पार्टियों के किस्म-किस्म के लुभावने वादे व आश्वासन सभी घोर वादाखिलाफी साबित हो गए हैं। इनकी सरकारों में उत्तर प्रदेश के लोगों के हालात संभलने तथा वादे के मुताबिक अ’छे दिन लाने के बजाय लगातार बिगड़ते गए हैं। इसी कारण अब इनके बहकावे में नहीं आना ही होशियारी।
मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियों ने धनबल सहित साम, दाम, दण्ड, भेद आदि सभी प्रकार के हथकण्डों को अपनाकर उत्तर प्रदेश के चुनाव को अपने पक्ष में करने का खूब जतन किया। इसके बाद भी यहां पर जानलेवा महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, सरकार की निरंकुशता व आवारा पशु आदि से पीडि़त जनता अपने बुनियादी मुद्दों पर डटी रही है। यह इस बार कुछ अलग ही करने के मूड में है।
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