रामपुर : “किताबों की तरफ मोड़ना होगा युवाओं का रुझान”

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रामपुर, अमृत विचार। फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हसन अहमद निजामी की अध्यक्षता में प्रसिद्ध अफसाना निगार एस फजीलत की पुस्तक टूटे सपनों का कर्ब का रविवार को विद्वानों ने विमोचन किया। इस अवसर पर सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष डॉ. महमूद अली खां ने कहा कि युवाओं का रुझान अखबारों …

रामपुर, अमृत विचार। फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हसन अहमद निजामी की अध्यक्षता में प्रसिद्ध अफसाना निगार एस फजीलत की पुस्तक टूटे सपनों का कर्ब का रविवार को विद्वानों ने विमोचन किया। इस अवसर पर सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष डॉ. महमूद अली खां ने कहा कि युवाओं का रुझान अखबारों और किताबों के पढ़ने की ओर मोड़ना होगा। युवा पीढ़ी सोशल मीडिया पर उलझी है।

शाहबाद गेट स्थित ईस्ट वेस्ट पब्लिक स्कूल में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में डॉ. महमूद अली खान ने कहा कि हमारी सबसे अच्छी दोस्त किताबें होती हैं लेकिन, नई पीढ़ी अखबारों और नाविल और अफसानों को पढ़ने में रूचि नहीं ले रही है जोकि, चिंतनीय है। युवा पीढ़ी को अखबार और मैगजीन पढ़ना चाहिए। पहले सत्र में मुख्य भाषण देते हुए डॉ. शरीफ अहमद कुरैशी ने कहा कि यदि इस संग्रह में शामिल सभी मिथकों का विश्लेषण किया जाए तो एक विशाल पुस्तक तैयार की जा सकती है।

एस. फजीलत ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि लेखक, कवि, शायर और सभी पढ़ने लिखने वाले ज्ञान के उच्च मूल्यों को प्राप्त करके और प्रतिकूल परिस्थितियों के खिलाफ लड़कर सफलता के उच्चतम स्तर तक पहुंचें। इस अवसर पर उन्हें एक दोशाला और एक प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण की अध्यक्षता डॉ. शायरुल्लाह खां वजीही ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश तनवीर अहमद वस्फी, मौलाना जमान बाकरी,डॉ. शगुफ्ता गजल,मुहम्मद जुबैर शम्सी,बाबर खां आदि मौजूद रहे। संचालन डा. रबाब अंजुम ने किया।

कार्यक्रम मे अलीगढ़ मुस्लिम विश्विविद्यालय के अंग्रेजी विभाग अध्यक्ष फरहत उल्लाह खां, नासिर खां अलीग, शबाब खान, डा. अतहर मसूद खां, नोमान खां गाजी, सद्दाम हुसैन फैजी, शहपर शरीफ मौजूद रहे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व उप रजिस्ट्रार रिजवान लतीफ खां ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में एस.फजीलत ने सभी का आभार जताया।

इन्होंने प्रस्तुत किए शोध पत्र
आयशा अनवर, रज़िया परवीन, तालिब रामपुरी, डॉ. जेबा नाज, प्रो. नाजिम, नदीम राही।

संबंधित समाचार