लखनऊ: बीबीएयू ने छह छात्रों को जारी किया कारण बताओ नोटिस, जानें मामला
लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) प्रशासन ने शनिवार को छह छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अम्बेडकर विश्वविद्यालय दलित स्टूडेंट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता शामिल हैं। यह नोटिस बीबीएयू में 1 मार्च और 2 मार्च को हुई घटनाओं के मामले में यह नोटिस जारी किया …
लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) प्रशासन ने शनिवार को छह छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अम्बेडकर विश्वविद्यालय दलित स्टूडेंट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता शामिल हैं। यह नोटिस बीबीएयू में 1 मार्च और 2 मार्च को हुई घटनाओं के मामले में यह नोटिस जारी किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों को 6 मार्च रविवार को उपस्थित होकर जांच कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
बता दें कि बीबीएयू परिसर में एक मार्च को शिवरात्रि पर्व पर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था इसमें सामान्य छात्रों के अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ शिक्षक भी शामिल हुए थे। इस दिन शाम को ही अम्बेडकर विश्वविद्यालय दलित स्टूडेंट एसोसिएशन की तरफ से विश्वविद्यालय परिसर में कुछ पोस्टर लगाए गए।
इनमें डॉ. अम्बेडकर की 22 प्रतिज्ञा को दिखाया गया है। जिसमें हिंदू देवी देवताओं को नहीं मनाने और उनकी पूजा नहीं करने की बात कही गई थी। इसके बाद अगले दिन दो मार्च बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया। कुलपति कार्यालय का घेराव भी किया गया। इसके बाद मामला और भड़क गया, तब से ही विश्वविद्यालय में माहौल गरम है।
बीबीएयू ने गठित की जांच कमेटी
मामले की नजाकत को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 4 मार्च को एक जांच कमेटी का गठन कर दिया। फिर कमेटी ने जांच शुरू करते हुए शनिवार को कुल छह छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दी हैं। उन्हें 6 मार्च को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय के अम्बेडकर स्टडी हॉल में कमेटी के सामने प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इसमें इतिहास विभाग के बसंत कनौजिया, हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के शांतनु शुक्ला और उज्जवल श्रीवास्तव समेत अन्य छात्र शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर पक्षपात का आरोप
छात्रों का कहना हैं कि विश्वविद्यालय सीधे-सीधे आवाज दबाने का काम कर रहा हैं। उनका यह भी कहना है कि 2 मार्च को छात्र कुलपति से इस मामले पर बात करने उनके कार्यालय गए थे, पर छात्रों के पहुंचने से पहले ही कुलपति वहां से निकल चुके थे। जिससे छात्र आक्रोशित हो गये थे। वहीं, एयूडीएसयू के छात्रों की मांग है कि कमेटी पूरी जांच की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाए और उसकी एक प्रतिलिपि छात्रों को भी दी जाए। उनकी मांग मानने के बाद ही छात्र कमेटी के समक्ष जाएंगे।
मामले की जांच कमेटी ने शुरू कर दी है, आरोपी छात्रों को नोटिस दिया गया है, सभी का पक्ष सुनने के बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा…डॉ. रचना गंगवार प्रवक्त बीबीएयू।
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