प्रयागराज: आशा एंड कंपनी के मालिक ने फांसी लगाकर दी जान, नहीं मिला सुसाइड नोट
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां एक बड़े व्यापारी और आशा एंड कंपनी के मालिक ने फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह घर की छत पर बने स्टोर रूम में फांसी पर लटका हुआ शव मिला। आनन-फानन में घर वालों ने शव को फंदे से उतारा …
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां एक बड़े व्यापारी और आशा एंड कंपनी के मालिक ने फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह घर की छत पर बने स्टोर रूम में फांसी पर लटका हुआ शव मिला। आनन-फानन में घर वालों ने शव को फंदे से उतारा और एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच की जा रही है।
परिवार वाले फांसी लगाने का कारण नहीं बता पा रहे
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के राजापुर में आशा एंड कंपनी के मालिक प्रवीण मालवीय (60) का मकान है। परिवार वालों का कहना है कि रात में खाना खाने के बाद वह सोने चले गए। सुबह उठे, लेकिन रोज की तरह मार्निंग वॉक पर नहीं गए। सीधे वह छत पर चले गए। लोगों ने सोचा की छत पर टहल रहे होंगे। काफी देर तक जब वह छत से नीचे नहीं आए तो छत पर देखा गया। छत पर बने स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से देखा तो उनका शरीर फांसी से लटक रहा था।
आनन-फानन में फांसी का फंदा काटकर कटरा स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर रविंद्र यादव का कहना है कि प्रवीण मालवीय ने फांसी लगाकर जान दे दी है। अभी परिवार के लोग भी नहीं बता पा रहे हैं कि उन्होंने आखिर सुसाइड क्यों की है। फिलहाल जांच की जा रही है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
आशा एंड कंपनी बनती है बड़े आयोजन की आवाज
आशा एंड कंपनी की स्थापना 1940 में हुई थी। इस समय इसके मालिक प्रवीण मालवीय थे। आशा एंड कंपनी का साउंड सिस्टम प्रयागराज सहित नासिक, हरिद्वार और उज्जैन के कुंभ, महाकुंभ और प्रयागराज के माघ मेले में लगता है। इसके अलावा किसी भी बड़े सरकारी कार्यक्रम में आशा एंड कंपनी की अहम भूमिका रहती रही है।
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