सोनभद्र: महिला सशक्तिकरण में इज्जत घर का महत्वपूर्ण योगदान
सोनभद्र। कभी नक्सल प्रभावित जिलों की फेहरिस्त में शामिल पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में इज्जत घर के निर्माण की चर्चा बेहद आम हो चुकी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जब इज्जत घर का निर्माण हुआ और घर की महिलाए उसका प्रयोग करने लगी तो …
सोनभद्र। कभी नक्सल प्रभावित जिलों की फेहरिस्त में शामिल पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में इज्जत घर के निर्माण की चर्चा बेहद आम हो चुकी है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जब इज्जत घर का निर्माण हुआ और घर की महिलाए उसका प्रयोग करने लगी तो उनके सम्मान में वृद्धि हुई और सम्मान के साथ ही उनके आत्म सम्मान में भी वृद्धि हुआ।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के कोआर्डिनेटर अनील केशरी ने बताया कि भारत की आबादी की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी गांव में रहती है जिसका आधा 35 प्रतिशत महिला आबादी है।
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का कार्य स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा शौचालय बनवाकर शुरू किया गया।
पीएम मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए शौचालय का नाम इज्जत घर रख दिया। शौचालय निर्माण व खुले में शौच बंद करने के लिए हर गांव में निगरानी टीम बनी जिसमे सबसे ज्यादा सहयोग और सहभागिता महिलाओं की थी। आज स्वच्छ भारत के कई नए आयाम बने है जिसको हम महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ कर पूरा कर सकते है। क्योंकि सफाई को अपने आयाम तक पहुंचने में महिलाए ही अग्रणी है।
गांव में रहने वाली किसी ऐसे महिला को सशक्त नही किया जा सकता जिसको समाज में या घर में सम्मान दिया जाय और वह अग्रणी बने तथा सुबह और शाम को खुले में शौच करने जाए। उन्होंने कहा कि सही मायने में महिलाओं का सशक्तिकरण स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य को पूर्ण कर के हुआ।
जो महिलाएं, बच्चियां खुले में शौच जाति थी उस समय लोगो के वहा से गुजरने से वह अपने आत्म सम्मान में चाह कर भी वृद्धि नही कर पा रही थी। सही मायने में ग्रामीण क्षेत्रों में जब शौचालय का निर्माण हुआ और घर की महिलाए उसका प्रयोग करने लगी तो उनके सम्मान में वृद्धि हुई व सम्मान के साथ ही उनके आत्म सम्मान में भी वृद्धि हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों में सीएलटीएस के द्वारा पहली बार सरकार ने कोई ऐसा प्रयोग किया जिसमे महिलाए घर के चौखट के बाहर निकल कर अपने लिए और अपने बच्चियों के लिए मन में एक लक्ष्य बनाई और उसको प्राप्त किया।
