भारत में नारी शाक्ति सदैव पूज्यनीय रही: स्वामी मुरारी दास

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लखनऊ। महापुरुष स्मृति समिति एवं सामाजिक समरसता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को नाका गुरूद्वारा स्थित जगत कुटी आश्रम में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्वामी मुरारी दास ने इस अवसर पर कहा कि भारत में नारी सदैव पूज्य रही हैं। महिला अधिकारों …

लखनऊ। महापुरुष स्मृति समिति एवं सामाजिक समरसता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को नाका गुरूद्वारा स्थित जगत कुटी आश्रम में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्वामी मुरारी दास ने इस अवसर पर कहा कि भारत में नारी सदैव पूज्य रही हैं। महिला अधिकारों की बात करना पश्चिमी संस्कृति है। नारी सदैव हमारे सम्मान का प्रतीक रहीं। मुगलों से संघर्ष रहा हो या स्वतंत्रता आन्दोलन हो हमारा इतिहास महिलाओं के बलिदान और शौर्य की गाथाओं से भरा पड़ा है।

स्वामी मुरारी दास ने कहा कि महिलाओं में समाज बदलने की क्षमता है। भारत को महान बनाने में महिलाओं का योगदान कम नहीं है। समय आने पर उन्होंने संघर्ष भी किया है। महारानी दुर्गावती,महारानी लक्ष्मीबाई,महारानी ऊदादेवी पासी,झलकारी बाई,अजीजनबाई बेगम हजरत महल जैसी अनेक वीरांगनाओं ने देश के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया।

स्वामी मुरारी दास ने कहा कि यत्र नारस्तु पूजन्ते रमन्त्रे तत्र देवता। अर्थात जहां नारी की पूजा की जाती है, उसका सम्मान किया जाता है वहां देवता विचरण करते हैं। माता का स्थान भारत में सर्वोच्च रहा है। महिलाओं के उत्थान से ही होगा देश का उत्थान होगा।

हाईकोर्ट की अधिवक्ता जनलक्ष्मी सेनानी ने कहा कि महिला व पुरूष के अधिकारों में कभी प्रतिस्पर्धा नहीं रही। महिलाओं को चाहिए कि वह खुद अपने साथ-साथ समाज के उत्थान के लिए प्रयास करें। महिलाएं समाज में परिवर्तन ला सकती हैं।

एडवोकेट ममता पाण्डेय ने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अपने अधिकरों के प्रति जागरूक नहीं हैं। आज भी भ्रूण हत्या भारत में हो रही है। महिलाओं को पुरूषों के समान अवसर उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। महापुरूष स्मृति समिति के संयोजक भारत सिंह ने कहा कि नारी तू नारायणी हमारे यहां कहा गया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो आज़ादी के बाद देश में नारी उत्थान के लिए अनेक कार्य हुए।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सामाजिक समरसता विभाग के प्रान्त प्रचार प्रमुख बृजनन्दन ने कहा कि स्वाधीनता के बाद भी राष्ट्र के विकास में नारी शक्ति ने अपना अमूल्य योगदान दिया है। आज समाज जीवन के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। इस अवसर पर एडवोकेट शनी प्रताप सिंह,भास्कर सिंह,दिव्या गुप्ता,अनुरक्त सिंह और शाईमा खान प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

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