रायबरेली की हर सीट पर नेपथ्य में नजर आई कांग्रेस
रायबरेली। विधान सभा के संपन्न हुए चुनाव में कांग्रेस का गढ़ दरक गया है। कांग्रेस की नींव हिल गई है। जिले की किसी भी सीट पर कांग्रेस कही भी लड़ती नहीं नजर आई । रायबरेली संसदीय क्षेत्र की कुल पांच विधान सभाओं में कांग्रेस चौथे पायदान पर ही रही। पार्टी की ओर से इस चुनाव …
रायबरेली। विधान सभा के संपन्न हुए चुनाव में कांग्रेस का गढ़ दरक गया है। कांग्रेस की नींव हिल गई है। जिले की किसी भी सीट पर कांग्रेस कही भी लड़ती नहीं नजर आई ।
रायबरेली संसदीय क्षेत्र की कुल पांच विधान सभाओं में कांग्रेस चौथे पायदान पर ही रही। पार्टी की ओर से इस चुनाव में रायबरेली में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर खासी मेहनत की थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यहां पर दो दिन कैंप किया था और पूरे संसदीय क्षेत्र के हर गली, कूचे में जाकर लोगों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ते हुए समर्थन मांगा था। यही नहीं कांग्रेस ने दूसरे दलों से आए हरचंदपुर में पंजाबी सिंह , ऊंचाहार में अतुल सिंह और सरेनी में सुधा द्विवेदी को टिकट भी दिया था।
कांग्रेस को उम्मीद थी कि कम से कम ये बाहरी उम्मीदवार कुछ बेहतर करेंगे। किंतु सारी कवायद बेकार साबित हुई। विधान सभा चुनाव का यह संदेश रायबरेली ने कांग्रेस के बहुत बड़े परिवर्तन का संकेत है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने हरचंदपुर और सदर में जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के यह दोनो विधायक बगावत करके भाजपा से चुनाव लड़ रहे थे। ऐसे में पार्टी को पिछला प्रदर्शन दोहराना बड़ी चुनौती थी। किंतु गुरुवार को जब परिणाम सामने आए तो कांग्रेस हर सीट पर चारो खाने चित्त नजर आई।
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