लखनऊ: अवध ने रखी भाजपा की लाज तो बुंदेलखंड में भी पार्टी ने किया बेहतर प्रदर्शन

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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत तो हासिल कर लिया लेकिन 2017 के मुकाबले उसे करीब 68 सीटे का नुकसान हुआ है। पश्चिम से पूरब तक पार्टी को समाजवादी पार्टी से कांटे की टक्कर झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री योगी गोरखपुर सदर सीट से चुनाव जीत गए लेकिन उनके उपमुख्य मंत्री केशव प्रसाद …

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत तो हासिल कर लिया लेकिन 2017 के मुकाबले उसे करीब 68 सीटे का नुकसान हुआ है। पश्चिम से पूरब तक पार्टी को समाजवादी पार्टी से कांटे की टक्कर झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री योगी गोरखपुर सदर सीट से चुनाव जीत गए लेकिन उनके उपमुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सिराथू से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि अवध, कानपुर और बुंदेलखंड ने भाजपा की साख बरकरार रखी।

भाजपा ने धर्मनगरी अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में विपक्षी दलों को धूल चटाते हुए क्लीन स्वीप किया जबकि उसके कई अभेद दुर्गको सपा गठबंधन ने धवस्त कर दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन के बाद जाट-मुस्लिम ध्रुवीकरण की वजह से भाजपा को कई सीटें गंवानी पड़ी जबकि पूर्वाचल में सपा के सहयोगी सुभासपा ने भी भाजपा को भारी नुकसान पहुंचाया।

गोरखपुर, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मथुरा, गोंडा, हरदोई में भाजपा ने आठों विधानसभा सीट पर विजय पताका फहराई है। वहीं ,लखीमपुर, झांसी में भाजपा ने एकतरफा जीत अर्जित की। मेरठ, मुजफ्फर नगर, सहारानपुर भाजपा को काफी नुकसान उठाना पड़ा। भाजपाप्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि भाजपा के कामकाज को लोगों ने पसंद किया। प्रधानमंत्री मोदी और योगी की जोड़ी पर प्रदेश की जनता ने भरोसा जताया है। सबका साथ, सबका विश्वास और सबका कल्याण और सुशासन पर प्रदेश के 15 करोड़ मतदाताओं ने अपनी मुहर लगाई है।

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