यूपी चुनाव 2022 : गठबंधन के छोटे दलों ने दिखाया कमाल
लखनऊ। विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा और सपा के बाद छोटे दलों ने भी बड़ी सहभागिता निभायी। एक तरफ भाजपा के साथ अपना दल (एस) और निषाद पार्टी तो दूसरी तरफ सपा में पश्चिम में रालोद व पूर्व में सुभासपा, अपना दल (के) जैसे दलों ने जमकर सहभागिता निभाई। हालांकि अपना दल (के) का …
लखनऊ। विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा और सपा के बाद छोटे दलों ने भी बड़ी सहभागिता निभायी। एक तरफ भाजपा के साथ अपना दल (एस) और निषाद पार्टी तो दूसरी तरफ सपा में पश्चिम में रालोद व पूर्व में सुभासपा, अपना दल (के) जैसे दलों ने जमकर सहभागिता निभाई। हालांकि अपना दल (के) का प्रत्यक्ष रूप से कोई उम्मीदवार भले नहीं जीता हो लेकिन पार्टी अध्यक्ष कृष्णा पटेल की बेटी पल्लवी पटेल ने प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को करारी हार दी। इधर, गठबंधन राजनीति का दम चुनाव परिणामों में भी आया है।
गठबंधन में शामिल सभी छोटे दलों को पूर्व के चुनावों के मुकाबले अधिक सीटों पर जीत हासिल हुई है। पश्चिम की अपेक्षा पूर्वी उत्तर प्रदेश में गठबंधन राजनीति का डंका तेज बजा है। गठबंधन में शामिल दलों खाते में 32 सीटें मिली है। इसमें भाजपा के गठबंधन दल में अपना दल (सोनेलाल) को 12 और निषाद पार्टी के छह प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इससे गठबंधन से भाजपा को 18 सीटों का लाभ हुआ। वहीं सपा के गठबंधन में रालोद को आठ और सुभासपा को छह सीटें मिली हैं।
छोटे दलों में सबसे अधिक सीटें अद (एस) को
भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी गठबंधन के तहत मिली 17 में से 12 सीटों पर चुनाव जीत दर्ज की है। जबकि 2017 विधानसभा चुनाव में अद (एस) ने 11 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से नौ पर जीत हासिल हुई थी। भाजपा और सपा के बाद अद (एस) प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
निषाद पार्टी को बड़ी सफलता
पहली बार गठबंधन के तहत भाजपा के साथ विधानसभा चुनाव मैदान में गई निषाद पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक छह सीटों पर उनकी पार्टी के सिंबल से और पांच सीटों पर भाजपा के चिन्ह से उनकी पार्टी के प्रत्याशी जीते हैं। निषाद पार्टी ने 16 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। जिनमें से छह प्रत्याशी भाजपा के चिन्ह पर थे। दरअसल 2017 के चुनाव में निषाद पार्टी को सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल हुई थी।
सपा गठबंधन में पश्चिम में रालोद और पूर्व सुभासपा ने दिखा असर
सपा गठबंधन में शामिल रालोद को 33 सीटें मिली थीं। रालोद 8 सीटें जीती है। रालोद को ये सभी सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिली हैं। वहीं सपा की दूसरी सहयोगी पार्टी सुभासपा जिसका जनाधार पूर्वांचल में है उसने 17 प्रत्याशी खड़े किए थे। जिसमें से छह सीटों पर जीत दर्ज की है। 2017 में भाजपा गठबंधन में रहते हुए सुभासपा को चार सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
सपा गठबंधन में शामिल अपना दल (कमेरावादी) को किसी भी सीट पर सफलता नहीं मिली है। फिलहाल पल्लवी पटेल ने सपा के टिकट से केशव प्रसाद मौर्य को 7337 वोटो से हरा दिया। वहीं इस चुनाव में किसी गठबंधन में शामिल नहीं होने के बावजूद रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया की जनसत्ता पार्टी को दो सीटों पर जीत हासिल हुई है।
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