बाराबंकी: समाजवादी पार्टी ने वोट के साथ बढ़ाई सीटें, प्रदर्शन दोहराने में चूक गई भाजपा
बाराबंकी। जिले में भारतीय जनता पार्टी ने 2017 के मुकाबले में अपना वोट बैंक तो बढ़ाया, लेकिन उसकी सीटें घट गईं। 2017 में जहां भाजपा 31.66 मत पाकर 5 सीटें जीतने में सफल रही थी। वहीं इस बार 40.78% मत हासिल करने के बावजूद 3 सीटें ही जीत सकी। इसमें भी एक सीट पर तो …
बाराबंकी। जिले में भारतीय जनता पार्टी ने 2017 के मुकाबले में अपना वोट बैंक तो बढ़ाया, लेकिन उसकी सीटें घट गईं। 2017 में जहां भाजपा 31.66 मत पाकर 5 सीटें जीतने में सफल रही थी। वहीं इस बार 40.78% मत हासिल करने के बावजूद 3 सीटें ही जीत सकी। इसमें भी एक सीट पर तो आधे प्रतिशत से भी कम अंतर से जीत मिली। लेकिन समाजवादी पार्टी वोट बढ़ाने के साथ-साथ सीटें बढ़ाने में भी सफल रही।
2017 के चुनाव में सदर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के धर्मराज यादव 29. 68 प्रतिशत वोट पाकर चुनाव जीते थे। इस बार उनका मत प्रतिशत 41. 96 पहुंच गया। इस सीट पर भाजपा 33 .95 प्रतिशत वोट पाने के बावजूद चुनाव नहीं जीत सकी। 2017 में इस सीट पर भाजपा को 27 .36% ही वोट मिले थे।
सीट पर दोबारा भी कब्जा जमाया
हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ने इस बार प्रत्याशी बदल कर न केवल वोट बैंक बढ़ाया बल्कि सीट पर दोबारा भी कब्जा जमाया। 2017 के चुनाव में हैदर गढ़ में जहां भाजपा को 45.52 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे, वहीं 2022 के चुनाव में उससे 50. 90% मत प्राप्त हुए। इस सीट पर समाजवादी पार्टी का वोट बैंक भाजपा के मुकाबले ज्यादा बढ़ा। उसका वोट बैंक 40. 54 से बढ़कर 47.11तक पहुंच गया. इसके बावजूद वह सीट हासिल करने से चूक गई।
दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री की सभा के बावजूद भाजपा उम्मीदवार को मिले मत का प्रतिशत नाम मात्र ही बढ़ सका। पिछले चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर 46 दशमलव 81 प्रतिशत मत हासिल किए थे इस बार उसे 46 दशमलव 87% मत प्राप्त हुए। लेकिन पार्टी उम्मीदवार सतीश शर्मा जीतने में सफल रहे। दरियाबाद विधानसभा में समाजवादी पार्टी का वोट बैंक 9% से अधिक बढ़ा लेकिन पार्टी उम्मीदवार को शिकस्त का सामना करना पड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर समाजवादी पार्टी को 26 दशमलव 90% ही वोट हासिल हुए थे। 2022 के चुनाव में वह बढ़कर 35.3 प्रसाद पहुंच गया। जबकि भाजपा को 2017 में इस सीट पर 46 .81 प्रतिशत वोट मिले थे जो 2022 में 46.87 ही रह गए। जबकि यहां प्रधानमंत्री ने भी सभा की थी। यह जरूर हुआ कि पार्टी उम्मीदवार सतीश शर्मा जहां दूसरी बार भी जीतने में सफल रहे।
2017 में भी भाजपा को इतने ही मत हासिल हुए थे
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी अपना मत प्रतिशत 3.34 प्रतिशत से बढ़ाकर 41.07 प्रतिशत करने में सफल रही। यहां भाजपा उम्मीदवार को मामूली अंतर से ही जीत मिली। भाजपा को भी 41.8% कोठी मिले। 2017 में भी भाजपा को इतने ही मत हासिल हुए थे। जैदपुर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो 2017 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को 43% वोट मिले थे। 2022 के चुनाव में उसका मत प्रतिशत यहां घटकर 39. 79 प्रतिशत ही रह गया। समाजवादी पार्टी का यहां मत प्रतिशत नहीं बढ़ा और मत भी। यह सीट भी समाजवादी पार्टी जीतने में सफल रही।
बसपा के हीरो मोर्चे पर रहे जीरो
बाराबंकी में बहुजन समाज पार्टी एक भी सीट जीत नहीं सकी। पार्टी का प्रदर्शन भी 2017 के मुकाबले बेहद खराब रहा। जिन सीटों को जीतने का बसपा को पूरा भरोसा था वे चुनावी मैदान में जीरो साबित हुए। बात हैदर गढ़ की करें तो बसपा ने 2017 के चुनाव में यहां 22 दशमलव 69 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। 2022 के चुनाव में उसे सिर्फ 5.32 प्रतिशत मत मिले। यही हाल दरियाबाद में भी रहा। सामान्य सीट पर दलित उम्मीदवार उतारना मतदाताओं को रास नहीं आया। 2017 के चुनाव में जहां बसपा को इस विधानसभा क्षेत्र में 21.41प्रतिशत मत मिले थे वहीं 2022 के चुनाव में वह केवल 10.31 मत ही हासिल कर सकी।
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में उसे 2017 के चुनाव में 19.45 प्रतिशत मत हासिल हुए थे इस बार 2022 में वह 12.33 पुस्तक पर ही सिमट गई। जैदपुर विधानसभा क्षेत्र में भी इसे चुनाव में बसपा को 18 दशमलव 77 प्रतिशत मत मिले थे इस चुनाव में हुआ 6.62 पर ही सिमट गई। 2000 17 के चुनाव में रामनगर विधानसभा क्षेत्र में बसपा को 24.6% मत हासिल हुए थे। इस चुनाव में उसके उम्मीदवार 9.88 प्रतिशत मत पर ही सिमट गए। बाराबंकी सदर सीट पर भी 2017 के चुनाव में बसपा को 28.43% मत मिले थे। 2022 के चुनाव में उसके उम्मीदवार 15.96% पर ही सिमट गए।
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