रामपुर : भतीजे ने की थी ताऊ की गोली मारकर हत्या
रामपुर,अमृत विचार। घर में सो रहे किसान की 15 जनवरी को गोली मारकर हत्या उसके भतीजे ने ही की थी। इस मामले में शहजादनगर पुलिस ने मृतक किसान के भतीजे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उसके पास से पुलिस को आला कत्ल भी बरामद किया है। भतीजे का कहना है कि ताऊ मां की …
रामपुर,अमृत विचार। घर में सो रहे किसान की 15 जनवरी को गोली मारकर हत्या उसके भतीजे ने ही की थी। इस मामले में शहजादनगर पुलिस ने मृतक किसान के भतीजे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उसके पास से पुलिस को आला कत्ल भी बरामद किया है।
भतीजे का कहना है कि ताऊ मां की प्रधानी का फायदा उठाकर गलत काम करता था और पिता की हादसे में मौत के बाद हमारे परिवार से चिड़ता था। थाना क्षेत्र के गांव झुनइया निवासी सोहरन सिंह 15 जनवरी की रात को घर में सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी थी। अगले दिन शव देखकर परिजनों के होश उड़ गए थे।
उसके बाद मृतक के बेटे जगपाल सिंह ने का आरोप लगाया था कि मेरी चाची सावित्री देवी के पति पान सिंह की तीन साल पहले मौत हो गई थी। उसके बाद सावित्री देवी के जिला बरेली के थाना मीरगंज के गांव सकरामपुर निवासी गेंदनलाल से संबंध हो गए थे। उसी का विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी थी।
इस मामले में मृतक के बेटे की तहरीर के आधार पर सावित्री के संबंधी गेंदनलाल और उसके बेटे कुलदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पुलिस लगातार इस मामले में विवेचना कर रही थी। पुलिस ने रविवार को इस मामले में कुलदीप को पकड़ लिया। जहां सख्ती से पूछताछ करने पर बताया कि मृतक सोहरन मेरा सगा ताऊ था।
पिछले ग्राम सभा चुनाव वर्ष 2015 में मेरी मां सावित्री देवी प्रधान बनी थीं। उस समय छोटा था। दिनांक 19 सितंबर 2017 में एक सड़क दुर्घटना में जीरो प्वाइंट शहजाद नगर के पास मेरे पिता पान सिंह की मौत हो गई थी। मेरी माता अनपढ़ थीं। प्रधानी का सारा काम बड़े होने के नाते मेरे ताऊ सोहरन को सौंपा था। सोहरन ने लाभ उठाने के लिए प्रधानी के उल्टे सीधे काम किये थे।
जब मेरी माता को इस बात का पता चला कि सोहरन प्रधानी का काम सही ढंग से नहीं कर रहा है तो उन्होंने ताऊ सोहरन को प्रधानी के काम से हटा दिया था, जिस कारण ताऊ सोहरन व उनका परिवार हमसे नाराज हो गया था। ताऊ अक्सर परेशान करता था, इसीलिए ताऊ को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या कर दी थी।
झगड़े का कारण खेत का एकत्र होना भी था
झगडे का एक कारण यह भी था कि हम पांचों भाइयों के खेत इकट्ठे हैं। मेरे ताऊ सोहरन सिंह ने बंटवारे में खेत पहले ले लिया है। बाकी चारों लोगों के आने-जाने का रास्ता सोहरन के खेत से ही है। चारों लोगों के खेत पर आते जाते, सोहरन के खेत से निकलने के कारण वह गाली गलौच करता था।
इन सभी घटनाओं से कुंठित होकर मैंने सोहरन को मारने का प्रोग्राम बनाया। मेरे ताऊ सोहरन व उसके परिवार द्वारा मेरी माता सावित्री व मेरी बहन के ससुर गेन्दनलाल के साथ मारपीट व बदतामीजी की गई थी। इसी का बदला लेने के लिए मैंने गोली मारकर सोहरन की हत्या कर दी थी।
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