जान जोखिम में डालकर रोटी कमा रही है अबोध बालिका, बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ की खुली पोल
हरदोई। सरकार अरबों रुपए बालिका शिक्षा पर खर्च कर रही है। वहीं बेटी पढ़ाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी दे रही है लेकिन समाज के कुछ वर्गों के लिए यह नारा बे मकसद साबित हो रहा है। आज भी तमाम अबोध बालिकाएं अपना जीवन जोखिम में डालकर अपने व अपने परिवार के लिए दो वक्त …
हरदोई। सरकार अरबों रुपए बालिका शिक्षा पर खर्च कर रही है। वहीं बेटी पढ़ाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी दे रही है लेकिन समाज के कुछ वर्गों के लिए यह नारा बे मकसद साबित हो रहा है। आज भी तमाम अबोध बालिकाएं अपना जीवन जोखिम में डालकर अपने व अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटा रही हैं।
नगर में इन दिनों बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ की धज्जियां जगह-जगह उड़ती देखी जा सकती हैं। नगर में दर्जनों घुमंतू परिवार के लोग इन दिनों कला बाजियां दिखाकर जीवन गुजारते देखे जा सकते हैं। इस कलाबाजी मे अबोध बालिकाएं रस्सी के सहारे काफी ऊंचाई पर चलकर लोगों को करतब दिखाती हैं ।
इस करतब के बदले उनको चंद रुपए मिलते हैं। जिस रुपए से यह बालिकाएं अपने परिवार का पेट भर रही हैं। इस तरह के दृश्य देखकर सरकार की तमाम योजनाएं खोखली लगने लगती हैं। जहां सरकार बालिका शिक्षा के नाम पर अरबों रुपए पानी की तरह बहा रही है। वही ऐसी बालिकाओं के लिए शासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है और न हीं जान जोखिम में डालकर रोजी-रोटी कमाने वाली इन बालिकाओं पर शासन प्रशासन के किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की नजर पड़ती है।
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