रामपुर: रोडवेज के यात्री प्लाजा का खाना खाकर तीन मुसाफिरों की हालत बिगड़ी
रामपुर, अमृत विचार। शहजादनगर स्थित विंग्स एंड नेस्ट उप्र परिवहन निगम का लाइसेंस प्राप्त यात्री प्लाजा है। शनिवार को रोडवेज बस में हरदोई से दिल्ली जा रहे तीन यात्रियों ने इस ढाबे पर खाना खाया और लस्सी पी थी। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उल्टी और दस्त छूटने पर बस परिचालक ने टिकट वापस …
रामपुर, अमृत विचार। शहजादनगर स्थित विंग्स एंड नेस्ट उप्र परिवहन निगम का लाइसेंस प्राप्त यात्री प्लाजा है। शनिवार को रोडवेज बस में हरदोई से दिल्ली जा रहे तीन यात्रियों ने इस ढाबे पर खाना खाया और लस्सी पी थी। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उल्टी और दस्त छूटने पर बस परिचालक ने टिकट वापस करके मुरादाबाद के रामपुर दोराहे पर उतार दिया। बेदम हुए तीनों मुसाफिरों ने वहां निजी अस्पताल में डाक्टर से उपचार कराया। शाम को ढाबे पर जाकर शिकायत की लेकिन वहां से फटकार कर भगा दिया। रामपुर रोडवेज पर भी शिकायत की लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
हरदोई की शाहबाद तहसील के गांव मुकरमपुर निवासी दिलशाद उसका दोस्त मुस्तकीम और प्यारे मियां तीनों शनिवार को सुबह हरदोई डिपो की बस से दिल्ली में मजदूरी करने को निकले थे। बस मिलक के बाद 11 बजे के आसपास विंग्स एंड नेस्ट रोडवेज के यात्री प्लाजा ढाबे पर पहुंची। तीनों ने ढाबे पर 80 रुपये वाली तीन थाली लेकर खाना खाया था। बाद में तीनों ने लस्सी भी पी थी। करीब 35 मिनट बाद बस ढाबे से चली तो कुछ देर बाद ही उन्हें उल्टियां होने लगीं।
तीनों की हालत बिगड़ गई। चालक ने दो बार बस रोककर उन्हें पेट साफ कराया। पेट में तेज दर्द होने पर चालक ने तीनों को टिकट वापस करके मुरादाबाद के रामपुर दोराहे पर उतार दिया। वहां तीनों ने निजी डाक्टर से उपचार कराया। बाद में रामपुर में रोडवेज बस अड्डे पर आकर शिकायत की, लेकिन यहां किसी अधिकारी ने शिकायत नहीं सुनी यह कह कर टाल दिया, लखनऊ से ही यात्री प्लाजा की अनुमति है, यहां से कोई मतलब नहीं है। रविवार को ढाबे पर जाकर शिकायत की तो वहां कुछ लोगों ने धमकी देकर भगा दिया। रविवार को दोपहर बाद तीनों दिल्ली चले गए। इस तरह से हाईवे किनारे के ढाबों पर यात्रियों के साथ खराब खाना देकर ढाबा संचालक मनमानी कर रहे हैं।
यात्री प्लाजा पर बिखरी रहती है गंदगी
परिवहन निगम के लखनऊ एमडी कार्यालय से विंग एंड नेस्ट को बसें रोकने की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन वहां साफ सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। गंदगी और जानवरों का मलमूत्र बिखरा रहता है। कूड़ेदान तो रखे हैं, लेकिन सफाई का कोई इंतजाम नहीं है।
डेढ़ से दोगुने रेट पर मिलता है खाने का सामान
परिवहन निगम के अधिकारियों की अनदेखी और साठगांठ के कारण यात्री प्लाजा ही नहीं अन्य ढाबों पर भी यात्रियों के साथ जेब काटी जा रही है। दस रुपये वाला नमकीन का पैकेट 20 में तो 10 रुपये वाली कोल्ड ड्रिुंक 20 में मिलती है। छोले भटूरे किस तरह के तेल में बनाए जा रहे हैं जिसकी बदबू असहनीय रहती है। जलजीरा के नाम पर हरा रंग डालकर पानी बेचा जा रहा है। चाय भी 20 रुपये में बेचकर यात्रियों के साथ ठगी की जा रही है।
यात्रियों के विरोध करने पर भी बसें रोकते हैं चालक
बस में बैठे यात्रियों के मना करने के बाद भी चालक और परिचालक जबरन इन ढाबों पर बसें रोकते हैं। 40 से 50 मिनट तक यात्री प्लाजा पर बसें रोकी जाती हैं, लेकिन विरोध करने पर यात्रियों को चालक परिचालक धमकी भी देते हैं। एक बार विवाद बढ़ने पर परिचालक ने यात्री के खिलाफ बैग लूटकर भागने की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी।
वर्जन– मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, यदि कोई हमें लिखित में शिकायत देता है तो यात्री प्लाजा पर जांच कराके नमूने भरने की कार्रवाई कराई जाएगी। -कुलदीप सिंह, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन।
यात्री प्लाजा पर महंगा सामान अगर बेचा जा रहा है और गंदगी है तो आकस्मिक जांच करके कार्रवाई की जाएगी। तीन यात्रियों के फूड प्वाइजनिंग का शिकार होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। -कपिल कुमार वार्ष्णेय, एआरएम, रामपुर डिपो।
