मायावती ने बसपा की विचारधारा को छोड़कर बीजेपी के विचारों से किया समझौता: सावित्री बाई फुले

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लखनऊ। कांशीराम बहुजन मूल निवासी पार्टी की अध्यक्ष व पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बसपा की विचारधारा को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से समझौता कर लिया है। मायावती ने पार्टी पर ध्यान न देकर अपनी प्रापर्टी व परिवार को बचाने का काम …

लखनऊ। कांशीराम बहुजन मूल निवासी पार्टी की अध्यक्ष व पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बसपा की विचारधारा को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से समझौता कर लिया है। मायावती ने पार्टी पर ध्यान न देकर अपनी प्रापर्टी व परिवार को बचाने का काम किया है। उन्होंने यह बातें गुरूवार को प्रेसक्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से कही।

कांशीराम बहुजन मूल निवासी पार्टी की अध्यक्ष सावित्री बाई फुले ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनाने में मायावती की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मायावती चुनाव से पहले कहती रहीं कि सपा की सरकार नहीं बनने दूंगी,उन्होंने यह कहकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनवा दिया। इतना ही नहीं मायावती ने प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनवाने के लिए ना तो चुनाव प्रचार किया ना ही मजबूती से चुनाव लड़ा।

सावित्री बाई फुले ने कहा कि मायावती अपने वोट को भारतीय जनता पार्टी को ट्रान्सफर करवाने में कामयाब रहीं। मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी को वोट देकर कोई गलती नहीं की है। सावित्री बाई ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के पक्ष में जनादेश मिला है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मजबूरी में जनादेश का सम्मान करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार को गरीब, मजदूर, किसान, व्यापारी आदि हटाना चाहते थे किन्तु भाजपा साम, दाम, दण्ड, भेद का सहारा लेकर अपनी सरकार बचाने में कामयाब रही। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि बहुजन महापुरूषों के आन्दोलन व विचारधारा को जिन्दा रखा जाय।

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