मुरादाबाद : सिपाही ने प्रेम प्रसंग में की थी पत्नी की हत्या, प्रेमिका समेत चार गिरफ्तार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। मैनाठेर थानाक्षेत्र में 20 मार्च की रात हुई सिपाही की पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महिला की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते पति ने अपने माता-पिता और प्रेमिका के साथ मिलकर की थी। इसके लिए मृतका की सास और प्रेमिका ने बुलंदशहर के तीन बदमाशों को 55 …

मुरादाबाद, अमृत विचार। मैनाठेर थानाक्षेत्र में 20 मार्च की रात हुई सिपाही की पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महिला की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते पति ने अपने माता-पिता और प्रेमिका के साथ मिलकर की थी। इसके लिए मृतका की सास और प्रेमिका ने बुलंदशहर के तीन बदमाशों को 55 हजार की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति, उसकी प्रेमिका और माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है।

घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी बबलू कुमार और एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने बताया कि मैनाठेर थानाक्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी विमल कुमार जीआरपी में बरेली में कांस्टेबल है। उसकी शादी 2013 में पुष्पा के साथ हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। करीब ढाई वर्ष पूर्व विमल के प्रेम संबंध हापुड़ जनपद के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कटिका जाफराबाद निवासी सरकारी नर्स कुमारी अलका से हो गए। इसकी जानकारी विमल की मां ऊषा और पिता पंजाब सिंह को भी थी। अलका का विमल के घर भी आना-जाना था। उसके माता-पिता भी अलका को बहू बनाना चाहते थे।

एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने बताया कि अलका को बहू बनाने के लिए करीब छह माह से विमल की मां ऊषा उसकी पत्नी पुष्पा को रास्ते से हटाना चाह रही थी। पुष्पा की हत्या के लिए करीब तीन महीने पूर्व अलका ने अपने भतीजे सुंदर को तैयार किया। सुंदर ने अपने भांजे निशांत और एक अन्य को इसमें शामिल कर लिया।

जोया में बनी पुष्पा की हत्या की योजना
विमल ने अपनी पत्नी पुष्पा की हत्या की योजना जोया में बनाई। इसके लिए हापुड़ से उसकी प्रेमिका अलका, अपने भतीजे सुंदर और उसके भांजे निशांत तथा एक अन्य के साथ अपनी वैगनआर कार से जोया आई। इधर से विमल जोया गया। वहां एक होटल में बैठकर योजना को अंतिम रूप दिया गया।

ऊषा ने खोला हत्यारों के लिए दरवाजा
योजना के अनुसार 20 मार्च की रात करीब दो बजे अलका अपने तीनों साथियों को लेकर कार द्वारा नूरपुर गांव पहुंची। पहले से इंतजार कर रही विमल की मां ने घर का दरवाजा खोला। इसके बाद अंदर जाकर अलका और ऊषा ने सो रही पुष्पा का हाथों से गला दबा दिया। सुंदर, निशांत और उनके साथी ने पुष्पा के हाथ पैर पकड़ लिए। इस दौरान विमल का पिता पंजाब सिंह दरवाजे पर पहरेदारी करता रहा। घटना को अंजाम देने के बाद अलका अपने साथियों के साथ वापस लौट गई जबकि विमल के माता-पिता आराम से सो गए।

अलका और ऊषा ने दी थी 55 हजार की सुपारी
सीओ बिलारी देश दीपक ने बताया कि पुष्पा की हत्या के लिए उसकी सास ऊषा ने 20 और अलका ने 35 हजार रुपये की सुपारी दी थी। पुष्पा को माइग्रेन की बीमारी थी। इसलिए सुबह उसके सास-ससुर ने गांव में यह बात फैला दी कि पुष्पा की सोते समय मौत हो गई। मगर पोस्टमार्टम में उसकी मौत का सच सामने आ गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्पा की मौत का कारण थ्रोटलिंग बताया गया। तब पुलिस का माथा ठनका। पुलिस को यकीन हो गया कि पुष्पा की हत्या उसी के ससुरालवालों ने की है।

ड्यूटी पर था आरोपी विमल
इंस्पेक्टर मैनाठेर अमरनाथ वर्मा ने बताया कि पत्नी की हत्या का मास्टरमाइंड विमल घटना के समय अपनी ड्यूटी पर मौजूद था। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए अच्छी कहानी गढ़ी थी। उसकी मां बीमार थी और पिता बूढ़े। इसलिए पुलिस जब भी उसकी मां से पूछताछ करती थी तो वह बेहोश हो जाती थी।

फेसबुक से हुई थी अलका से दोस्ती
सिपाही विमल और सरकारी नर्स अलका की दोस्ती करीब ढाई साल पूर्व फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों में प्यार हो गया। विमल ने अपने माता-पिता को अलका से शादी करने की इच्छा के बारे में बताया तो कमाऊ बहू के लालच में वह भी उसका साथ देने के लिए तैयार हो गए।

एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को किया पुरस्कृत
पुष्पा हत्याकांड का सफल अनावरण करने वाली पुलिस व सर्विलांस टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत करने का एलान किया है। घटना का खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर मैनाठेर अमरनाथ वर्मा, इंस्पेक्टर क्राइम जितेंद्र सिंह, एसआई वेदपाल सिंह, अजयपाल सिंह, जयपाल सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी एसआई आशीष सेहरावत, सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल राजीव कुमार, कांस्टेबल कपिल कुमार, मैनाठेर थाने के कांस्टेबल अक्षय खाटियान, वीरपाल, अतुल चौधरी, महिला कांस्टेबल कुमारी आशा और कुमारी उपासना शामिल रहीं।

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