योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन, सोनभद्र के डीएम को अनियमितता व भ्रष्टाचार के आरोप में किया निलंबित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के जिलाधिकारी टीके शिबू के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप, मंडल आयुक्त की जांच में सही पाये जाने के बाद, सरकार ने उन्हें गुरुवार को निलंबित कर दिया है। राज्यपाल के आदेश से उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के जिलाधिकारी टीके शिबू के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप, मंडल आयुक्त की जांच में सही पाये जाने के बाद, सरकार ने उन्हें गुरुवार को निलंबित कर दिया है। राज्यपाल के आदेश से उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि शिबू के विरुद्ध खनन, जिला खनिज न्यास समिति तथा अन्य निर्माण कार्यों में जनप्रतिनिधियों द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायतें से संबंधित तथ्य शासन के संज्ञान में आए हैं।
इसके अलावा हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भी शिबू द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में गंभीर लापरवाही बरतने का भी मामला सामने आया था। इन शिकायतों की, मिर्जापुर मंडल के आयुक्त द्वारा की गयी जांच में शिबू को प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के आधार पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि शिबू के उक्त कृत्य अखिल भारतीय सेवायें (आचरण) नियमावली 1968 के नियम 3 का उल्लंघन हैं।
अत: इन तथ्य एवं परिस्थितियाें पर सम्यक विचार करते हुए राज्यपाल ने शिबू को निलंबित कर उक्त नियमावली के तहत उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किये जाने के आदेश दिये हैं।
इस हेतु शुरु की जाने वाली विभागीय कार्रवाई के लिये वाराणसी मंडल के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन की अवधि में शिबू को लखनऊ स्थित कार्यालय, राजस्व परिषद से संबद्ध रहने और बिना लिखित अनुमति प्राप्त किये राज्य मुख्यालय नहीं छोड़ने काे कहा गया है।
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