सीतापुर: राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का खुला खेल, रिश्वत लेकर लेखपाल ने दस दिनों में कम कर दी आवेदकों की वार्षिक आय

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सकरन/सीतापुर। पैसे के नाम पर सरकारी मशीनरी क्या गुल खिला सकती है, इसकी एक बानगी लहरपुर तहसील क्षेत्र में देखने को मिली है। दावा किया जा रहा है कि एक लेखपाल ने कुछ ग्रामीणों के आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर भ्रष्टाचार के खिलाफ किए जा रहे सरकारी दावाें की पोल …

सकरन/सीतापुर। पैसे के नाम पर सरकारी मशीनरी क्या गुल खिला सकती है, इसकी एक बानगी लहरपुर तहसील क्षेत्र में देखने को मिली है। दावा किया जा रहा है कि एक लेखपाल ने कुछ ग्रामीणों के आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर भ्रष्टाचार के खिलाफ किए जा रहे सरकारी दावाें की पोल खोल दी है। सूत्रों का दावा है कि कुछ लोगों के आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए लेखपाल ने रिपोर्ट में आवेदकों के आवेदन पर पहले ज्यादा आय लिख दी, लेकिन जब उन्हीं लोगों ने सुविधा शुल्क दे दिया तो उनकी आय कम दिखा दी गई। लेखपाल की इस करतूत से हर कोई हैरान है।

सूत्रों के मुताबिक सकरन क्षेत्र की ग्राम पंचायत कल्ली में तैनात लहरपुर तहसील के लेखपाल अजय ने 10 दिन में ही किसानों की आय कम करके अपनी रिपोर्ट लगा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल द्वारा आय प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लोगों से पैसे लिये जाते है और पैसा न देने पर लेखपाल द्वारा अपनी रिपोर्ट में अधिक आय लिख दी जाती है। बताते हैं कि इलाके के कल्ली गांव निवासी फातिमा पत्नी उस्मान ने नौ फरवरी 22 को अपना आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिये ऑनलाइन आवेदन किया था।

आवेदन लेखपाल के खाते में पहुंचने पर उसने अपनी रिपोर्ट में वार्षिक आय 48 हजार लिख दी। आरोप है कि जब फातिमा ने लेखपाल से आय कम करने की बात कही तो उसने पैसे की डिमांड की गई। इस एक हजार रूपये देने पर लेखपाल ने दो मार्च को दोबारा अपनी रिपोर्ट में आय को कम करते हुए 42 हजार लिख दी। कुछ ऐसा ही वाक्या हसमत पुत्र सलार के साथ हुआ।

पहले लेखपाल ने इनकी रिपोर्ट में 54 हजार आय लिख दी, उसके बाद रुपए देने पर उसी लेखपाल ने नौ फरवरी को 42 हजार कर दी। इसी तरह यहीं के निवासी रामसागर पुत्र मूलचंद्र की आय पहले 48 हजार लिखी गई, उसके बाद जब रामसागर ने सुविधा शुल्क दे दिया तो उसकी रिपोर्ट में 42 हजार वार्षिक आय लिख दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त लेखपाल आय, निवास, जाति प्रामाण पत्र, खसरा आदि हर मामले में बगैर पैसे लिये काम नहीं करता है।

एसडीएम से की गई जांच की मांग

लेखपाल की इस करतूत को लेकर ग्रामीण खासे नाराज हैं। नाराज ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत कर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की है। लेखपाल द्वारा की जा रही अवैध वसूली से परेशान ग्राम प्रधान जमाल अहमद, ग्रामीण मोहम्मद आलम, रामसागर, हसमत अली, उस्मान आदि ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच की मांग की है। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की भी मांग की है।

तहसीलदार बोले, शिकायत मिली है, जांच होगी

इस पूरे प्रकरण को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। प्रकरण के बारे में तहसीलदार शशि विंद द्विवेदी से बात की गई, तो तहसीलदार ने बताया कि उनको इस प्रकरण की शिकायत मिली है। लेखपाल के खिलाफ आई शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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