अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले इमरान सरकार ने पंजाब प्रांत के राज्यपाल को हटाया, इस्लामाबाद में धारा 144 लागू

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को आज संसद में बहुमत साबित करना है, लेकिन उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले कोई भी अनहोनी न हो इसके लिए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है।  इस बीच इमरान सरकार ने पंजाब प्रांत के राज्यपाल चौधरी मुहम्मद …

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को आज संसद में बहुमत साबित करना है, लेकिन उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले कोई भी अनहोनी न हो इसके लिए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है।  इस बीच इमरान सरकार ने पंजाब प्रांत के राज्यपाल चौधरी मुहम्मद सरवर को उनके पद से हटा दिया है। पंजाब के नए राज्यपाल की घोषणा बाद में की जाएगी। संविधान के अनुसार, डिप्टी स्पीकर कार्यवाहक राज्यपाल होगा।

इमरान ने समर्थकों से सड़कों पर उतरने का किया आह्वान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने समर्थकों विशेषकर युवाओं से आह्वान किया है कि वे बाहर आएं और उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए ‘अमेरिका की ओर रची गई अंतरराष्ट्रीय साजिश’ के खिलाफ ‘शांतिपूर्वक विरोध’ करें।

नवाज शरीफ पर हमले की कोशिश
पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच लंदन में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर हमले की कोशिश हुई है। PML-N नेता मरियम शरीफ ने ट्विट कर कहा है कि एक युवक ने लंदन में नवाज शरीफ के कार्यालय के बाहर उन पर हमला करने का प्रयास किया, उसने अपने मोबाइल फोन से मारकर गार्ड को घायल कर दिया।

नेशनल असेंबली में है परीक्षा
आज नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। नेशनल असेंबली में 342 सीटें हैं। सरकार बचाने के लिए इमरान खान को 172 वोटों की जरूरत होगी। फिलहाल वह इस आंकड़े से काफी पीछे नजर आ रहे हैं। वहीं, विपक्ष दावा कर रहा है कि उसके पास कम से कम 175 सांसदों का समर्थन है।

घटनाक्रम पर एक नजर

  • 8 मार्च को विपक्ष की तरफ से इमरान सरकार के खिलाफ पाकिस्तान नेशनल असेंबली सचिवालय के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। आरोप लगाया गया कि इस सरकार की वजह से देश में आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
  • 25 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। लेकिन, बिना किसी चर्चा के सदन को स्थगित कर दिया गया और विपक्षी दलों ने इसका पुरजोर रूप से विरोध किया।
  • 27 मार्च को पीएम इमरान खान ने इस्लामाबाद में शक्ति प्रदर्शन किया। अपने संबोधन में इमरान ने विपक्ष पर साजिश का आरोप लगाया।
  • 28 मार्च को सदन में इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के साथ ही सदन को फिर स्थगित कर दिया गया।
  • 2 अप्रैल को पीएम इमरान खान ने अपने सभी समर्थकों से एकजुट होने को कहा। हिंसा से ज्यादा एकजुटता पर जोर दिखाया।

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