अयोध्या: धरने पर बैठी महिला समाजसेवी और उसके परिवार को पुलिस ले गई अस्पताल
अयोध्या। अयोध्या में मासूम बच्ची के साथ रेप और कोतवाल नगर द्वारा अभद्र व्यवहार के विरोध में पिछले आठ दिनों से गांधी पार्क में धरने पर बैठी समाजसेवी अर्चना तिवारी और उनके परिवार को पुलिस ने जबरन उठा लिया। रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस बल गांधी पार्क पहुंचा और समाजसेवी श्रीमती तिवारी व उनके …
अयोध्या। अयोध्या में मासूम बच्ची के साथ रेप और कोतवाल नगर द्वारा अभद्र व्यवहार के विरोध में पिछले आठ दिनों से गांधी पार्क में धरने पर बैठी समाजसेवी अर्चना तिवारी और उनके परिवार को पुलिस ने जबरन उठा लिया। रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस बल गांधी पार्क पहुंचा और समाजसेवी श्रीमती तिवारी व उनके पति को एक गाड़ी में लाद जिला अस्पताल ले आया। जिला अस्पताल में उन्हें और उनके पति को ह्रदय रोग विभाग में रोके रखा गया है। समाजसेवी का कहना है कि रात से ही किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
सोमवार को दोपहर बाद किसी तरह समाजसेवी अर्चना तिवारी से बात हुई तो उन्होंने रात को की गई पुलिसिया दबंगई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोज की तरह धरने पर बैठी थी, रात करीब दस बजे कई पुलिस कर्मी पहुंचे और धरना समाप्त करने को कहने लगे। न मानने पर धरना स्थल से उन्हें और पति अंतरिक्ष तिवारी को जबरन उठा बाहर ले आए। इसके बाद एक गाड़ी पर बैठा जिला अस्पताल के ह्रदय रोग विभाग में नजर बंद कर दिया। रात को मोबाइल भी छीनने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि रात से लेकर अब तक यहीं बैठाए रखा गया है।
डीएम को ज्ञापन देने की मांग की लेकिन नहीं मानी गई
उन्होंने बताया डीएम को ज्ञापन देने की मांग की लेकिन नहीं मानी गई। उन्होंने कहा जब तक दुष्कर्म पीड़िता मासूम के मामले में सीबीआई जांच और नगर कोतवाल देवेंद्र सिंह को जिले से हटाया नहीं जाता तब तक यह धरना जारी रहेगा। नगर कोतवाल देवेंद्र सिंह को जिले से हटाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा जो सम्मान को ठेस पहुंचाई है उसके लिए लिखित में मुझे माफीनामा भी दें। वहीं दोपहर में जब कुछ संगठनों के लोग उनसे मिलने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
गौरतलब है कि 16 मार्च को अयोध्या में मासूम के साथ हुई घटना के विरोध में अर्चना ने मार्च निकाला था। आरोप है नगर कोतवाल ने इसके बाद उन्हें धमकियां देते हुए जेल में डाल देने की बात कही थी। इसके बाद अर्चना अपने पति व दो बच्चो के साथ अनशन पर बैठ गई हैं। उन्हें राजनेताओं के अलावा कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल चुका है।
