गौरैया संरक्षण के लिए डीएम ने किया लोगों का आह्वान, कहा- प्रकृति को संरक्षित करने का अर्थ खुद को संरक्षित करना है
कानपुर देहात। कानपुर देहात में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गौरैया के संरक्षण को लेकर एक कार्यक्रम ईको पार्क में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने ईको पार्क में गोलनचम्पा का पौधा लगाकर किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों एवं खिलाडियों को पुरस्कृत भी किया। …
कानपुर देहात। कानपुर देहात में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गौरैया के संरक्षण को लेकर एक कार्यक्रम ईको पार्क में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने ईको पार्क में गोलनचम्पा का पौधा लगाकर किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों एवं खिलाडियों को पुरस्कृत भी किया।
प्रकृति ने हमें दिये है बहुमूल्य उपहार
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति को संरक्षित करने का अर्थ अपने आपको संरक्षित करना है, प्रकृति ने हमें बहुमूल्य उपहार दिये है, इसे संरक्षित करना हमारा पुनीत कर्तव्य है। प्रकृति के संरक्षण से हम सबका संरक्षण संभव है, लोगों के अन्दर यह भ्रम फैला हुआ है कि हम प्रकृति या चिड़ियों को बचाऐंगे, लेकिन वास्तव में हम अपने आप को बचा रहे है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से संदेश जायेगा कि जनपद में ज्यादा से ज्यादा गौरैया को संरक्षण किया जाये, जनपद में विशेष कार्ययोजना बनाकर पक्षियों को संरक्षित करने की कवायद शुरू हुई है।
दस हजार घोसले बनाने का है लक्ष्य
जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष दस हजार घोसले जनपद में घर-घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा चिड़ियों को संरक्षित किया जा सकेगा। इस संदेश को हमें लोगों तक पहुंचाना है कि चिड़ियों का संरक्षण ज्यादा से ज्यादा करें, हमें चिड़ियों के संरक्षण के महत्ता को जन-जन तक पहुंचाना होगा।उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम जनपद स्तर व तहसील, ब्लाक स्तर पर भी आयोजित किये जायेगे जिससे कि ज्यादा से ज्यादा गौरैया को संरक्षण किया जायेगा।
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