श्यामपट्टी में बंडा पुलिस का तांडव, महिला झुलसी
अमृत विचार, बंडा। थाना बंडा के गांव श्यामपट्टी में कच्ची शराब बनाने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। आरोप है कि पुलिस ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान महिला झुलस गई। बाद में परिवार वालों ने थाने पर हंगामा किया। हालांकि पुलिस का दावा है कि महिला कच्ची शराब बना रही थी। पुलिस को …
अमृत विचार, बंडा। थाना बंडा के गांव श्यामपट्टी में कच्ची शराब बनाने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। आरोप है कि पुलिस ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान महिला झुलस गई। बाद में परिवार वालों ने थाने पर हंगामा किया। हालांकि पुलिस का दावा है कि महिला कच्ची शराब बना रही थी। पुलिस को देखकर घबरा गई और भागने लगी, जिससे लहन का पीपा गिरने से वह झुलस गई। वहीं झुलसी महिला को बंडा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
गांव श्यामपट्टी में एक विधवा रामवती के मकान के अंदर कच्ची शराब बनाए जाने की सूचना पर बुधवार तड़के दो बाइक से छह पुलिस कर्मी दबिश देने पहुंच गए। पुलिस को यूं अचानक घर में देखकर हड़कंप मच गया। घर में मौजूद महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। इसी दौरान रामवती की पुत्रवधू आग की चपेट में आ गई। इसके बाद रामवती ने पुलिस पर पुत्रवधू को जला देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
गांव से दौड़ते हुए वह थाने पहुंची और मामले की सूचना थानाध्यक्ष मनोज कुमार को दी। महिला समेत परिवार वाले थाने पर हंगामा करने लगे। इससे पुलिस में हड़कंप मच गया। पश्चात थाना प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ तुरंत गांव पहुंचे, जहां झुलसी महिला को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। अस्पताल में परिवार के अन्य लोग भी आ गए और पुलिस पर इस महिला को जला देने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। रामवती का आरोप था कि पुलिसकर्मिर्यों ने जलती हुई पुत्रवधू को बचाने की बजाय जलती हुई भट्टी की तरफ धक्का दे दिया, जिससे पुत्रवधू आग में गंभीर रूप से झुलस गई।
आरोप लगाया कि शराब पकड़ने के नाम पर पुलिस काफी देर तक उत्पात मचाने के बाद वहां से खिसक ली। अस्पताल में हंगामे के दौरान आरोप लगते देख पुलिस के पसीने छूटने लगे। मामले को शांत करने के लिहाज से पुलिस अस्पताल से परिवार के कुछ लोगों को थाने बुला ले गई, तब तक क्षेत्र के और भी तमाम लोग जमा हो चुके थे। काफी देर तक मान मनौव्वल करने के बाद परिवार वाले शांत हुए। वहीं पुलिस का दावा है कि दारू निकालते समय पुलिस को देखकर रामवती की पुत्रवधू घबरा गई, जिससे गर्म लहन का टीपा गिरने से वह झुलस गई।
बंडा क्षेत्र में फलफूल रहा है कच्ची शराब का कारोबार
थाना बंडा क्षेत्र में कच्ची शराब का धंधा फलफूल रहा है। थाने से चंद कदम दूर स्थित गांव पसियापुर में धड़ल्ले से कच्ची शराब बनाई और बेची जाती है, लेकिन पुलिस यहां कभी दबिश नहीं देती। सूत्रों की मानें तो पुलिस संरक्षण में गांवों में कच्ची शराब का धंधा फलफूल रहा है। पुलिस वहीं दबिश देती है, जहां चोरी छिपे शराब बना जा रही होती है या फिर सिर्फ खानापूर्ति के लिए पुलिस कुछ जगहों पर छापेमारी कर गुडवर्क दिखा देती है।
रुपये देकर मामले को दबाने की हुई कोशिश
पीड़िता की सास रामवती ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंडा पुलिस ने उसे इलाज के लिए 2000 रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने की बात कही लेकिन वह वहां से चली आई।
अंत में सास ने लिखा पुलिस के पक्ष में लेटर
पुत्रवधू को जलाए जाने के आरोप पर हंगामा दोपहर तक होता रहा और इस दौरान पुलिस मामले को कंट्रोल करने के लिए पसीना-पसीना होती रही। पुलिस ने जब झुलसी महिला का इलाज कराने का भरोसा दिया, तब दोपहर बाद रामवती ने पुलिस के पक्ष में पत्र लिख दिया कि दारू निकालते समय पुत्रवधू पुलिस को देखकर घबरा गई, जिससे गर्म लहन का टीपा गिरने से वह झुलस गई। इसमें पुलिस का कोई दोष नहीं है।
वर्जन
महिला ने स्वीकार किया है कि पति के लिए शराब निकाल रही थी और जब पुलिस उसके घर पहुंची तो वह पुलिस को देखकर घबराकर भागने लगी, जिससे वह अचानक चूल्हे पर चढ़ी लहन पर गिर गई और झुलस गई, इसमें किसी का दोष नहीं है।
मनोज कुमार, थानाध्यक्ष
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