बरेली: छात्रों ने जाना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का महत्व
बरेली, अमृत विचार। बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डी फार्मा के द्वितीय श्रेणी के छात्रों ने सोमवार को रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया । जिसमें छात्र छात्राओं ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रक्रिया द्वारा सीवेज जल को संशोधित करके प्रयोज्यित एवं पुनः उपयोग के लिए …
बरेली, अमृत विचार। बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डी फार्मा के द्वितीय श्रेणी के छात्रों ने सोमवार को रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया । जिसमें छात्र छात्राओं ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रक्रिया द्वारा सीवेज जल को संशोधित करके प्रयोज्यित एवं पुनः उपयोग के लिए गंदे पानी और उसके दुष्कारी अवयवों को विशेष विधि जैसे कि भौतिक, रासायनिक और जैविक विधि से प्रयोग करने के बारे में सीखा।
इस अपशिष्ट जल उपचार का मुख्य उद्देश्य जितना संभव हो उतना निलंबित ठोस पदार्थों को निकालना है और शेष पानी, जिसे बहिस्राव कहा जाता है, इसको पर्यावरण में वापस छोड़ दिया जाता है। जैसे ही ठोस पदार्थ सड़ता है, यह ऑक्सीजन का उपयोग करता है, जिसकी आवश्यकता पानी में रहने वाले पौधों और जानवरों को होती है। इस दौरान पंकज कुमार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को उपयोग करने की महत्वपूर्ण जानकारी से छात्रों को अवगत कराया।
कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रधानाचार्य डा. पुष्पेंद्र कनौजिया ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के नए पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए इस विजिट की सामाजिक उपयोगिता को समझाते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान फार्मेसी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर बबीता शर्मा, सुमन और योगेंद्र आदि उपस्थित रहे।
