लखनऊ: कुत्तों के काटने से घायल हुई जन्नत की हालत में सुधार, अस्पताल से मिली छुट्टी
लखनऊ। कुत्तों के काटने से घायल हुई जन्नत की हालत में सुधार होने के बाद मंगलवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छह अप्रैल को कुत्तों का शिकार हुए भाई-बहन केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती किए गए थे। दोनों को कैटेगरी-3 के कुत्ते के काटने की शिकायत लगभग पूरे शरीर में हुई …
लखनऊ। कुत्तों के काटने से घायल हुई जन्नत की हालत में सुधार होने के बाद मंगलवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छह अप्रैल को कुत्तों का शिकार हुए भाई-बहन केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती किए गए थे। दोनों को कैटेगरी-3 के कुत्ते के काटने की शिकायत लगभग पूरे शरीर में हुई थी।
बाल रोग विभाग और ट्रामा सर्जरी टीम द्वारा किये गये प्रयासों के बाद भी भाई की जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि छोटी बहन का प्रबंधन बाल रोग विभाग के डॉक्टर की टीम ने किया, जिसमें प्रो. माला कुमार और जूनियर प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी शामिल रही। हालांकि जन्नत का इलाज बाल रोग विभाग के डॉक्टर की टीम ने किया, जिसमें प्रो. माला कुमार और जूनियर प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी शामिल रही।
उसे रेबीज के टीके और एंटीबायोटिक दवाओं के साथ एंटीरेबीज इम्युनोग्लोबुलिन के साथ प्रबंधित किया गया था। टेटनस के लिए सक्रिय और निष्क्रिय टीकाकरण भी प्रदान किया गया। बाल मनोवैज्ञानिक की राय ली गई क्योंकि बच्चा तनावपूर्ण स्थिति से गुजरा है। किसी भी आंतरिक रक्तस्राव से बचने के लिए पेट का अल्ट्रासाउंड किया गया। इस पूरे इलाज से बच्चे में धीरे-धीरे सुधार होता गया। घाव भर गया और मंगलवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अगले दो और टीके उसे दिए जाएंगे।
पूरा इलाज कुलपति डॉ बिपिन पुरी की देखरेख में किया गया। उन्होंने उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कुलपति, बाल रोग विभागाध्यक्ष शैली अवस्थी और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी; प्रो संदीप तिवारी मरीज को डिस्चार्ज करने के मौके पर मौजूद रहे।
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