मुरादाबाद : चौथी लहर की आशंका, नहीं बढ़ रहा कोविड जांच का दायरा

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मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना की चौथी लहर की आशंका के बाद भी जिले में कोविड जांच का दायरा नहीं बढ़ रहा है। हर दिन पांच हजार लोगों की कोविड जांच करने के लक्ष्य के अनुपात में बमुश्किल एक चौथाई लोगों की जांच की हो रही है। दिल्ली, नोएडा के अलावा कई अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण …

मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना की चौथी लहर की आशंका के बाद भी जिले में कोविड जांच का दायरा नहीं बढ़ रहा है। हर दिन पांच हजार लोगों की कोविड जांच करने के लक्ष्य के अनुपात में बमुश्किल एक चौथाई लोगों की जांच की हो रही है।

दिल्ली, नोएडा के अलावा कई अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर प्रदेश सरकार ने भी कई जिलों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। कोरोना जांच की संख्या भी बढ़ाने की सरकार की मंशा जिले में सफल नहीं हो रही है। जिले में हर दिन 5000 हजार लोगों की कोविड जांच होनी चाहिए, लेकिन डेढ़ हजार लोगों की ही स्क्रीनिंग व जांच हो पा रही है। जबकि इसमें आधे की आरटीपीसीआर और आधे की एंटीजन किट से जांच करने का लक्ष्य है। कोविड जांच में लैब तकनीशियनों की कम संख्या भी आड़े आ रही है।

नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों के लैब तकनीशियनों को हर दिन केंद्र पर 100 मरीजों की कोविड जांच करनी है, लेकिन स्थिति यह है कि 26 में से आठ केंद्रों पर लैब तकनीशियन ही तैनात नहीं हैं। अतिरिक्त लैब तकनीशियन की तो बात दूर है, जितने होने चाहिए उसमें भी कम हैं। इससे जांच पर फर्क पड़ रहा है। वहीं, चिकित्साधिकारी भी कोरोना जांच के लिए अलर्ट होने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन न तो सरकारी अस्पताल में कोविड जांच करने के लिए अलग से काउंटर लगा है और न दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का पालन कराया जा रहा है।

ऐसे में फिर संक्रमण तेजी से बढ़ा बेपटरी सिस्टम को संभालने में ही समय लग जाएगा, तब तक कोरोना संक्रमण का प्रसार हो जाएगा। वहीं, आमजन भी कोविड नियमों के पालन में खुद के प्रति संजीदा नहीं हैं। चौक-चौराहे और सार्वजनिक स्थानों पर लोग बेखौफ बिना मास्क की आवाजाही कर रहे हैं। कोरोना जांच के लिए हालांकि 15 रैपिड रिस्पांस टीमें गठित हैं, लेकिन लैब तकनीशियन की कमी से कई टीमें खाली हाथ हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रवीन श्रीवास्तव का कहना है सावधानी व कोविडरोधी टीकाकरण ही इससे बचाव का रास्ता है। जांच का दायरा बढ़ाने में लैब तकनीशियनों की कम संख्या से असर पड़ रहा है।

नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना जांच में दिखानी होगी तेजी
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए अब फिर एहतियात बरतने पर ध्यान दिया जा रहा है। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर हर दिन ओपीडी में 100 मरीजों की कोविड जांच जिसमें 50-50 आरटीपीसीआर और एंटीजन किट से जांच शामिल हैं, का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही इन्हीं लैब तकनीशियन को रैपिड रिस्पांस टीम में भी जाकर सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल वैन से जाकर जांच करनी है। इसी क्रम में नगरीय स्वास्थ्य केंद्र नवाबपुरा में लैब तकनीशियन राजेंद्र कुमार ने 40 मरीजों की कोरोना जांच की। उसका कहना है कि बहुत से मरीज कहने के बाद भी जांच नहीं करा रहे हैं। उन्हें कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए जांच कराने की अपील की जा रही है। फिर भी लोग उदासीनता बरत रहे हैं।

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिले में तेज की कोरोना की जांच

मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए अब फिर एहतियात बरतने पर ध्यान दिया जा रहा है। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर हर दिन ओपीडी में 100 मरीजों की कोविड जांच जिसमें 50-50 आरटीपीसीआर और एंटीजन किट से जांच शामिल हैं, का लक्ष्य दिया गया है।

साथ ही इन्हीं लैब तकनीशियन को रैपिड रिस्पांस टीम में भी जाकर सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल वैन से जाकर जांच करनी है। इसी क्रम में नगरीय स्वास्थ्य केंद्र नवाबपुरा में लैब तकनीशियन राजेंद्र कुमार ने 40 मरीजों की कोरोना जांच की। उसका कहना है कि बहुत से मरीज कहने के बाद भी जांच नहीं करा रहे हैं। उन्हें कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए जांच कराने की अपील की जा रही है। फिर भी लोग उदासीनता बरत रहे हैं।

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