मुरादाबाद: छह महीने में 15 पंचायत सहायकों ने दिया इस्तीफा, पिछले साल हुई थी 643 तैनाती
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में पंचायत सहायतों के इस्तीफे का सिलसिला लगातार जारी है। पंचायत सहायतों को कम मानदेय और अधिक काम रास नहीं आ रहा। इसी का नतीजा है कि अब तक 15 पंचायत सहायकों ने इस्तीफा दे दिया है। अधिकारी की माने तो, शासन के आदेशानुसार नए सिरे से रिक्त पदों पर भर्ती …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में पंचायत सहायतों के इस्तीफे का सिलसिला लगातार जारी है। पंचायत सहायतों को कम मानदेय और अधिक काम रास नहीं आ रहा। इसी का नतीजा है कि अब तक 15 पंचायत सहायकों ने इस्तीफा दे दिया है। अधिकारी की माने तो, शासन के आदेशानुसार नए सिरे से रिक्त पदों पर भर्ती होगी।
पिछले वर्ष शासन ने ग्रामीण योजनाओं संबंधी समस्याओं का निस्तारण करने और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाने के लिए पंचायत घरों में मिनी सचिवालय की योजना पर काम शुरू कराया था। इसके लिए जिले की 643 ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन के कमरे को मिनी सचिवालय तैयार कराया गया है।
यहां पर जमीन, जोत, खतौनी, पेंशन समेत सभी योजनाओं की जानकारी देने के साथ समस्याओं का निस्तारण आदि समस्याओं के निस्तारण का काम होता है। मिनी सचिवालयों का संचालन करने के लिए पंचायत सहायक के पद पर इंटरमीडिएट पास 643 युवाओं का चयन मेरिट के आधार पर किया गया था। अक्तूबर में इन्हें छह हजार रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर अनुबंधित भी कर लिया गया था। कई ग्राम पंचायतों ने नवंबर से ही उनसे काम लेना भी शुरू कर दिया।
बीएड, एमएड के युवाओं ने किया था आवेदन
पंचायत सहायक की छह हजार रुपये मानदेय वाली नौकरी के लिए एमबीए, एमसीए, इंजीनियरिंग, स्नातक, परास्नातक डिग्रीधारी युवाओं ने आवेदन किया थे। नौकरी की चाहत में बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सिफारिश भी लगवाई गई। मगर, जब जमीनी हकीकत सामने आई तो कई का मोहभंग हो गया।
पंचायत सहायकों को तैनाती के बाद मानदेय कम लग रहा है। ऐसे में अब तक 15 पंचायत सहायकों का विकासखंड स्तर पर इस्तीफे प्राप्त हुए हैं। शासन को सूचना भेज दी गई है। आदेशानुसार रिक्त पदों पर भर्ती होगी। -अलोक प्रियदर्शी, डीपीआरओ
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