रायबरेली एम्स में स्वीकृत होगा देहदान का संकल्प पत्र

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रायबरेली। देहदान जैसे पुण्य कार्य के लिए लखनऊ, कानपुर व प्रयागराज जाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए एम्स रायबरेली के शरीर रचना विभाग कार्य कर रहा है। एम्स में ही देहदान का संकल्प पत्र अब स्वीकृत किया जायेगा। उक्त जानकारी एम्स के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष, एडीशनल प्रोफेसर डा. रजत शुभ्रा दास व दधीचि देहदान अभियान …

रायबरेली। देहदान जैसे पुण्य कार्य के लिए लखनऊ, कानपुर व प्रयागराज जाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए एम्स रायबरेली के शरीर रचना विभाग कार्य कर रहा है। एम्स में ही देहदान का संकल्प पत्र अब स्वीकृत किया जायेगा।

उक्त जानकारी एम्स के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष, एडीशनल प्रोफेसर डा. रजत शुभ्रा दास व दधीचि देहदान अभियान कानपुर के संयोजक मनोज सेंगर ने दी है। श्री सेंगर ने बताया कि तत्कालीन राज्यपाल विष्णु कांत शास्त्री से प्रेरित होकर देहदान अभियान की शुरुआत हुई थी।

जिसमें कानपुर देहात के बबुआ दीक्षित के मृत शरीर को कानपुर मेडिकल कॉलेज में सौंपने से इसका आगाज हुआ था। उन्होंने बताया कि अब तक 237 मृत शरीर को प्रयागराज, केजीएमसी लखनऊ, अंबेडकर नगर मेडिकल कॉलेज को सौंपे जा चुके हैं।

अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान रायबरेली के शरीर रचना विभाग के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष एडीशनल प्रोफेसर डॉ. रजत शुभ्रा दास ने कहा कि देहदान महादान है। इस दान में सहभागी बनने के लिए एक संकल्प पत्र भरकर एम्स अथवा दधीचि देहदान अभियान कानपुर के संयोजक मनोज सेंगर के पास जमा करना होगा। मृत शरीर का एम्स हॉस्पिटल में मेडिकल की पढ़ाई में, शव विच्छेदन अथवा शोध कार्य में प्रयोग किया जाएगा।

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