अयोध्या: डॉ.राममनोहर लोहिया अवध विवि में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया गया आयोजन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या।  डॉ.राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त संयोजन में आचार्य विनोबा भावे का शिक्षा दर्शन और उनकी प्रासंगिकता विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अवध विश्वविद्यालय के पूर्व …

अयोध्या।  डॉ.राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त संयोजन में आचार्य विनोबा भावे का शिक्षा दर्शन और उनकी प्रासंगिकता विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अवध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राम अचल सिंह ने कहा कि आज की शिक्षा नागरिकों पर निर्भर करती है। नागरिकों की गुणवत्ता शिक्षकों पर, शिक्षकों की गुणवत्ता से उस राष्ट्र का निर्माण होता है।

उन्होंने कहा कि विनोबा भावे भूदान व सर्वोदय के संस्थापक थे। सन 1916 में गांधी से मिले और उनके शिष्य बने। गांधी के निधन के बाद भूदान एवं सर्वोदय आंदोलन शुरू किए। उन्होंने गुरुकुल पद्धति को अच्छा बताया, लेकिन आजकल यह पद्धति व्यवहारिक नहीं हो पाएगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि विनोबा भावे व्यक्ति नहीं वह अपने आप में एक संस्था थे। मुख्य वक्ता प्रौढ़ व सतत शिक्षा विभाग के प्रो. जय प्रकाश दुबे ने कहा कि विनोबा भावे ने कहा था कि शिक्षा कोई छोटा प्रयोग नहीं है।

उत्तम जीवन और भविष्य का पासपोर्ट है। विशिष्ट अतिथि महाराजा रणजीत सिंह कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल साइंसेज इंदौर के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र दुबे ने कहा कि मनुष्य का जन्म लेना ही क्रांति है और मनुष्य का दुनिया से चले जाना उससे बड़ी क्रांति है। संयोजक प्रो. अनूप कुमार ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विनोबा ने अच्छी शिक्षा, महिला को स्वावलम्बन के लिए प्रशिक्षण दिए जाने के हिमायती थे।

विशिष्ट अतिथि भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के सचिव प्रो. कुमार रत्नम व विनोबा सेवा आश्रम, बस्तरा शाहजहांपुर के रमेश भैया ने ऑनलाइन संबोधित किया। वित्त अधिकारी प्रो. चयन कुमार मिश्र, कुलसचिव उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. राजीव गौड़ सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व प्रतिभागी उपस्थित रहे।

पढ़ें- अयोध्या: अवध विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए शुरू की प्रवेश प्रक्रिया, अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित

संबंधित समाचार