प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में अभी तक पुलिस के हाथ खाली, जेल में बंद छेमार गिरोह से भी हुई पूछताछ
प्रयागराज। प्रयागराज में थरवई के खेवराजपुर गांव में बीते 23 अप्रैल को एक परिवार के पांच लोगों की हत्या मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। हत्या का खुलासा तो दूर अभी तक पुलिस हत्या के कारणों का भी पता लगाने में फेल है। सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान कर …
प्रयागराज। प्रयागराज में थरवई के खेवराजपुर गांव में बीते 23 अप्रैल को एक परिवार के पांच लोगों की हत्या मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। हत्या का खुलासा तो दूर अभी तक पुलिस हत्या के कारणों का भी पता लगाने में फेल है। सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सात जांच टीम के साथ एसटीएफ को लगाया गया है। जो हत्यारों का सुराग लगाने में जुटी हुई हैं।
मृतकों में राम कुमार यादव (55), उसकी पत्नी कुसुम देवी (52), बेटी मनीषा (25), बहू सविता (27) और पोती मीनाक्षी (2) शामिल हैं। वहीं, अब पुलिस बीते 2017 से लेकर हुए सामूहिक हत्याकांड की वारदातों को इस हत्याकांड से जोड़कर जांच शुरू की है। जांच टीमें पूर्व में हुए हत्याकांड के परिजनों से मुलाकात कर रही की है, फिलहाल अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
पुलिस सूत्रों की माने तो हत्याकांड में हिरासत पर लिए गए संदिग्धों का पुलिस डीएनए टेस्ट करा सकती है। पुलिस के पास मौके से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिससे हत्यारों का सुराग मिल सके। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार का कहना है कि पूर्व में हुए हत्याकांड के घटनास्थल पर जांच पड़ताल की गई है। कुछ गिरोह भी चिन्हित किए गए हैं। जिससे पूर्व में हुए सामूहिक हत्याकांड और इस वारदात में पता लगाया जा सके कि कोई समानता तो नहीं है?
जेल में बंद छेमार गिरोह से भी पूछताछ
हत्याकांड की जांच कर रही सात टीम से एक टीम नैनी जेल में दस्तक दी है। जेल में छेमार गिरोह के कुछ सदस्य बंद हैं। पुलिस गिरोह के उन सदस्यों की भी खोज कर रही है जो मुठभेड़ के दौरान पिछले साल नवंबर में फरार हो गए थे। फरार सदस्यों की संख्या चार बताई जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि कहीं इन फरार अपराधियों का हाथ तो इस हत्याकांड में नहीं है?
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