गोरखपुर: डीएम ने कराया स्टिंग, 5000 रुपए घूस लेते वीडियो में कैद हुआ बाबू, गिरफ्तार
गोरखपुर। गोरखपुर के रजिस्ट्री एवं संभागीय परिवहन कार्यालय में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने स्वास्थ्य विभाग में भी स्टिंग ऑपरेशन कराया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग पटल पर कार्यरत लिपिक सत्य प्रकाश शुक्ला को 5000 रुपये घूस लेते हुए पकड़ा गया है। यह पूरी …
गोरखपुर। गोरखपुर के रजिस्ट्री एवं संभागीय परिवहन कार्यालय में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने स्वास्थ्य विभाग में भी स्टिंग ऑपरेशन कराया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग पटल पर कार्यरत लिपिक सत्य प्रकाश शुक्ला को 5000 रुपये घूस लेते हुए पकड़ा गया है। यह पूरी घटना स्टिंग ऑपरेशन के जरिए वीडियो में कैद हो गई है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को पत्र लिखकर एफ आई आर दर्ज करने का निर्देश दिया है और विभागीय जांच कराने को लेकर सीएमओ को पत्र द्वारा निर्देशित किया है।
बता दें कि जिला चिकित्सालय में धन उगाही कर विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने वालों के सक्रिय रैकेट में सीएमओ कार्यालय के बाबू तक सम्मिलित है। काफी दिनों से इस सम्बंध में मिल रही शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने आरटीओ व ट्रेजरी ऑफिस के बाद सीएमओ कार्यालय में राजस्व कर्मचारियों से स्टिंग ऑपरेशन कराया। राजस्व कर्मियों द्वारा किये गए स्टिंग ऑपरेशन के खुफिया कैमरे में सीएमओ कार्यालय में तैनात बाबू सत्य प्रकाश शुक्ला द्वारा दिव्यांग जनों से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 5000 रुपये लेते हुए कैमरे में कैद हो गया।
खुफिया कैमरे में साफ साफ दिखाई दे रहा था कि सीएमओ कार्यालय में तैनात क्लर्क सत्य प्रकाश शुक्ला द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 5000 रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा था और कह रहा था कि मेरे पास तीन अन्य पत्रावली है उसके साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा लेंगे। स्टिंग ऑपरेशन को प्रमाणित होने के बाद जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सीएमओ आशुतोष दुबे को निर्देश दिये कि सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक सत्य प्रकाश शुक्ला पर धारा 419 आईपीसी 7/13 भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत करवाने का आदेश दिया।
जिससे अन्य कार्यालयों व संभागों में धन उगाही कर प्रमाण पत्र व अन्य कार्य करवाने का ठेका लेने वाले ठेकेदारों पर लगाम लग सके और हर ऑफिस व कार्यालयों में बिना किसी धन उगाही के निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ आम जनमानस का आसानी से जरूरत के कार्य हो सके। इसके पूर्व अभी बीते बृहस्पतिवार को सीएमओ आशुतोष दुबे द्वारा भी दिव्यांग जनों से मोटी रकम लेकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने वाले सीएमओ कार्यालय में तैनात संविदा कर्मचारी दुर्गेश गुप्ता के सहयोग से दलाल जयप्रकाश सहित अन्य को पकड़ा था।जिसमे संविदा कर्मचारी दुर्गेश गुप्ता को सेवा समाप्त कर कार्य मुक्त कर दिया था।
यह भी पढ़ें:-लखनऊ: सिगरेट पीने से रोका तो दबंगों ने SI को मारे लात-घूसे और थप्पड़, केस दर्ज
