बरेली: स्कूली वाहनों के परमिट सरेंडर करने में लगे वाहन मालिक
अमृत विचार, बरेली। स्कूली वाहनों के परमिट सरेंडर होने से छात्रों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो साल से लाकडाउन के चलते वाहन चल नहीं सके थे। जिसके बाद अब स्कूल खुले तो स्कूल वाहन मालिक अपने वाहनों के परमिट सरेंडर कराकर उन्हें बेचने में लगे हैं। जिसके बाद अब स्कूली …
अमृत विचार, बरेली। स्कूली वाहनों के परमिट सरेंडर होने से छात्रों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो साल से लाकडाउन के चलते वाहन चल नहीं सके थे। जिसके बाद अब स्कूल खुले तो स्कूल वाहन मालिक अपने वाहनों के परमिट सरेंडर कराकर उन्हें बेचने में लगे हैं। जिसके बाद अब स्कूली छात्र डग्गामार वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं, फिटनेस कराने के लिए 249 स्कूली वाहन मालिकों को आरटीओ की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
कोरोना संक्रमण के कारण स्कूली वाहन मालिकों को झटका लगा है। दो साल तक स्कूल-कॉलेज पूरी तरह से बंद रहे। ऐसे में स्कूली वाहनों का संचालन भी नहीं किया जा सका। सभी जगह ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं। परिवहन विभाग ने स्कूली वाहन संचालकों से वसूला जाने वाले टैक्स में कोई छूट प्रदान नहीं की।
एक तरफ कमाई न होने और दूसरी तरफ टैक्स और उस पर जुर्माने के चलते अधिकांश स्कूली वाहन मालिक ने अपने परमिट सरेंडर कर दिए। मामले में आरआई एमपी सिंह ने बताया कि स्कूली वाहनों को फिटनेस कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। बहुत से स्कूल वाहन के मालिक अपने परमिट भी सरेंडर कराने में लगे हुए हैं।
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