रायबरेली: बिजली की किल्लत के बीच एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने बढ़ाया उत्पादन

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रायबरेली। देश में जब जब बिजली संकट की स्थित बनी है, तब तब एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने शानदार क्षमता का प्रदर्शन किया है। एक बार फिर ऊंचाहार परियोजना बिजली संकट के समय बड़ी बिजली उत्पादक परियोजना के रूप में सामने आई है,और अपनी पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। इस समय …

रायबरेली। देश में जब जब बिजली संकट की स्थित बनी है, तब तब एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना ने शानदार क्षमता का प्रदर्शन किया है। एक बार फिर ऊंचाहार परियोजना बिजली संकट के समय बड़ी बिजली उत्पादक परियोजना के रूप में सामने आई है,और अपनी पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है।

इस समय उत्तर भारत में भारी बिजली संकट है। उत्तर प्रदेश की बिजली परियोजनाओं में कई यूनिटें तकनीकी कारणों से बंद है। जिसके कारण शहर से लेकर गांव तक बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे समय में एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना से राहत भरी खबर आ रही है। बिजली संकट के समय उत्तरी ग्रिड ने ऊंचाहार परियोजना की ओर एक बार फिर आशा भरी निगाहें देखी तो ऊंचाहार परियोजना ने भरपूर मदद शुरू कर दी है।

ऊंचाहार परियोजना ने 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर एक इस समय मरम्मत के लिए बंद चल रही है। इसके बावजूद चल रही कुल पांच इकाइयों को पूरे भार पर चला दिया गया है। कुल 1550 मेगावाट की ऊंचाहार परियोजना में एक यूनिट बंद होने के कारण वर्तमान में कुल उपलब्धता 1340 है।

इसके सापेक्ष शुक्रवार को परियोजना को 1330 मेगावाट के भार पर चलाकर बिजली समस्या से निपटने में सरकार को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि इस समय सभी यूनिटों को पूरे भार पर चलाया जा रहा है, जबकि एक नंबर यूनिट में मरम्मत का काम चल रहा है।

पिछले साल भी बिजली उत्पादन में अग्रणी थी ऊंचाहार परियोजना

पिछले वर्ष अक्टूबर नवबर के महीने में भी उत्तर भारत में बिजली की बड़ी समस्या पैदा हुई थी। उस समय कोयले की किल्लत के कारण कई बिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई थी। तब भी ग्रिड की मांग को देखते हुए ऊंचाहार परियोजना ने इस संकट से उबरने में सरकार के साथ खड़ी हुई और अपनी इकाइयों को क्षमता से अधिक भार पर चलाकर लोगों को राहत पहुंचाई थी।

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