समाज को जगाने के लिए समाजवादियों ने दी कुर्बानी : संजय सिंह

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बाराबंकी। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को गांधी भवन में समाजवादी नेता एवं संसदीय राजनीति के मर्मज्ञ स्व. मधु लिमये का जन्मशती समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि  हिन्दुस्तान की राजनीति में यदि किसी ने खुद को कुर्बान किया है तो …

बाराबंकी। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को गांधी भवन में समाजवादी नेता एवं संसदीय राजनीति के मर्मज्ञ स्व. मधु लिमये का जन्मशती समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि  हिन्दुस्तान की राजनीति में यदि किसी ने खुद को कुर्बान किया है तो वह सिर्फ समाजवादी ही है।

समाजवादियों ने ही आजादी के पहले और आजादी के बाद समाज को जगाने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया। मधु लिमये उसी कड़ी के मुख्य अंग है। मधु लिमये ने संसद में रहते हुए कोई ऐसा विषय नहीं छोड़ा, जिस पर उन्होंने सरकार को घेरा न हो। तब संसद में समाजवादियों की संख्या बहुत कम हुआ करती थी। लेकिन विपक्ष की भूमिका में सिर्फ समाजवादी ही सदन में सरकार को घेरते थे और जवाब मांगते थे। आज सरकारें इसलिए मजबूत हैं क्योंकि विपक्ष कमजोर हो गया है।

इसके पूर्व गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा ने आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, और मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व अपर महाधिवक्ता सैय्यद हुसैन, डा विवेक सिंह वर्मा, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता एस.एस नेहरा, अनीता सिंह सहित कई हस्तियों को मधुलिमये सम्मान से सम्मानित किया गया।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजवादी चिन्तक रघु ठाकुर ने कहा कि नेता वही जो देश के लिए खुद को मिटा दे। नेता की सम्पत्ति बढ़े तो देश मिटता है, और नेता जब खुद को मिटाए तो देश बनता है। मधु लिमये जी ऐसे ही आदर्शवादी नेता थे, जिन्होंने देश को बनाने के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया।

पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने कहा कि जहां संघर्ष है वहीं समाजवाद है। समाजवादी विचारधारा के लोग विभिन्न दलों में होते हुए भी समाजवादी है। वह किसी भी दल में रहें उनमें समाजवादी विचारधारा नज़र आती है। मधु लिमये जी ने अपने कर्म और विचारों से युवाओं को समाजवाद से जोड़़ने का काम किया।

कार्यक्रम संयोजक राजनाथ शर्मा ने कहा कि मधु लिमये उसूलों के पक्के, अहिंसावादी और हथियार विरोधी थे। वह समाजवादी आंदोलन के अग्रणी नेता थे। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में समाजवाद के विचारों का न केवल अध्ययन किया बल्कि अध्यापन भी किया।

सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पाण्डेय, यश भारती से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार मधुकर त्रिवेदी, अरूण प्रताप सिंह, मो उमेर किदवई, अधिवक्ता राजेन्द्र वर्मा, रिज़वान रज़ा, युवा समाजवादी पवन यादव, धनंजय शर्मा, विनय कुमार सिंह, मो. मूसा खान, अनीता सिंह, नदीम वारसी, सलाउद्दीन किदवई, बृजेश दीक्षित, भागीरथ गौतम, जमील उर रहमान, मृत्युंजय शर्मा, मो अनस, वेद प्रकाश यादव, अशोक शुक्ला, हुमायूं नईम खान,  शिवानी सिंह,  अजीज अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।

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