लखनऊ: फर्जी दस्तावेज बनाने वाले दंपती को पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
लखनऊ। राजधानी में फर्जी कागजात के आधार पर छोटे भाई के मकान की रजिस्ट्री कराकर मालिकान हक बना लिया। इस सम्बन्ध में वजीरगंज पुलिस ने जालसाज दंपती को गिरफ्तार किया है। जालसाज ने अपनी पत्नी को छोटे भाई की पत्नी के तौर पर कोर्ट में पेश कर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी। …
लखनऊ। राजधानी में फर्जी कागजात के आधार पर छोटे भाई के मकान की रजिस्ट्री कराकर मालिकान हक बना लिया। इस सम्बन्ध में वजीरगंज पुलिस ने जालसाज दंपती को गिरफ्तार किया है। जालसाज ने अपनी पत्नी को छोटे भाई की पत्नी के तौर पर कोर्ट में पेश कर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी।
वजीरगंज थानाक्षेत्र के हुसैनगंज पुराना बर्फखाना निवासी पवन कुमार अग्रवाल को आश्रयहीन योजना के तहत विराजखण्ड में एक मकान मिला था। साल 2008 में पवन ने अपने भाई दिलीप को वह मकान रहने के लिए दिया था। पवन ने बताया कि बड़े भाई ने चेकिंग करवाने के नाम पर मकान के कागजात मांगे थे। इसी बीच दिलीप ने रजिस्ट्री में खेल कर दिया।
पीड़ित ने बताया कि पिछले महीने उसने दिलीप को मकान खाली करने का अल्टीमेट दे दिया था। इस पर दिलीप ने मकान पर अपना मालिकान हक जताते हुए मकान की रजिस्ट्री दिखा दी। इसे देखकर पीडित हैरान हो गया। एलडीए आफिस में मकान के दस्तावेज चेक करने पर इस बात की पुष्टि हुई की।
दिलीप ने उसकी पत्नी की जगह अपनी पत्नी मुक्ता अग्रवाल को कोर्ट में पेशकर मकान की फर्जी रजिस्ट्री करा ली थी। इसके बाद पीड़ित ने बड़े भाई की शिकायत वजीरगंज थाने में की थी। जिसके बाद पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। इस सम्बन्ध में इंस्पेक्टर वजीरगंज ने बताया कि जांच में आरोप सही पा गए है। दिलीप अग्रवाल और उसकी पत्नी मुक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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