PM Modi Europe Visit : पीएम मोदी-राष्ट्रपति मैक्रों रणनीतिक द्विपक्षीय संबंध को आगे बढ़ाने पर हुए सहमत

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पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालात तथा आतंकवाद जैसे द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के अगले चरण के लिए महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी यूरोप के तीन देशों की यात्रा …

पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालात तथा आतंकवाद जैसे द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के अगले चरण के लिए महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी यूरोप के तीन देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर डेनमार्क से पेरिस पहुंचे। उन्होंने बुधवार की रात को मैक्रों से अकेले में तथा प्रतिनिधि स्तर पर गहन वार्ता की।

मैक्रों एक सप्ताह पहले ही इस पद पर दोबारा निर्वाचित हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि मोदी और मैक्रों ने रक्षा, अंतरिक्ष, जलीय अर्थव्यवस्था, असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग तथा लोगों के बीच संबंध सहित अनेक द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने मैक्रों के साथ गले मिलने की एक तस्वीर साझा करते हुए अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा में ट्वीट किया, ‘‘ हमेशा की तरह अपने मित्र एवं राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करके प्रसन्नता महसूस हुई। हमने द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत और फ्रांस विकास में साझेदार हैं, हमारी साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में है।’’ दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की और भारत – फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को विश्व कल्याण के लिए आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचारविमर्श किया।

मैक्रों ने मोदी के साथ मुलाकात की एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ आज रात नरेंद्र मोदी के साथ…। हमने चल रहे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संकट तथा हमारी रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। हमने खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर और एफएआरएम पहल पर भी चर्चा की, जिसमें भारत अहम भूमिका निभाएगा।’’ विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने मैक्रों को भारत आने का न्योता दिया है। बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस बयान में कहा गया कि भारत और फ्रांस आपसी सहयोग को बढ़ा कर, नए क्षेत्रों में विस्तार करके और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और विस्तृत कर, साथ मिल कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘ भारत और फ्रांस ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक अहम रणनीतिक साझेदारी की है। ये दोनों देश स्वतंत्र, खुले और नियम आधारित हिंद प्रशांत क्षेत्र का दृष्टिकोण साझा करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान, नौवहन की स्वतंत्रता तथा तनाव और संघर्ष मुक्त क्षेत्र के लिए प्रतिबद्धता पर आधारित हो।’’ दोनों नेताओं ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध और मानवीय संकट पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। इसके अलावा मोदी और मैक्रों ने अफगानिस्तान के हालात पर भी चिंता जताई । इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात भारत और फ्रांस की मित्रता को नयी गति प्रदान करेगी। दोनों नेताओं की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होने से पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास ‘एलिसी पैलेस’ में मोदी और मैक्रों की अकेले में बातचीत हुई।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘दो दोस्तों की मुलाकात। यह नया जनादेश प्राप्त कर आए इमैनुएल मैक्रों को भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नयी गति देने का अवसर प्रदान करती है।’’ मंगलवार को मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की थी। फ्रांस के राष्ट्रपति भवन ‘एलिसी पैलेस’ ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि मैक्रों ने रूस से इस विनाशकारी आक्रमण को समाप्त करके संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आग्रह किया।

यूक्रेन का मुद्दा बुधवार को कोपेनहेगन में दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी प्रमुखता से उठा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क के उनके समकक्षों ने भाग लिया। इसमें मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में कोई भी देश विजयी नहीं होगा क्योंकि सभी को नुकसान होगा और विकासशील तथा गरीब देशों पर इसका ‘‘अधिक गंभीर’’ प्रभाव पड़ेगा।

मोदी की यह यात्रा यूक्रेन संकट के बीच और ऐसे वक्त में हुई, जब रूस के खिलाफ यूरोप लगभग एकजुट है। मोदी ने यहां पहुंचने के तुरंत बाद ट्वीट किया ‘‘फ्रांस भारत के सबसे मजबूत साझेदारों में से एक है, हमारे देश विविध क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।’’ राजनयिक सूत्रों ने कहा कि मैक्रों की चुनावी जीत के कुछ दिनों बाद उनसे मोदी की मुलाकात एक शक्तिशाली संकेत देती है कि दोनों नेता आने वाले वर्षों के लिए भारत-फ्रांस साझेदारी को अपनी विदेश नीति का मार्गदर्शक सिद्धांत बनाना चाहते हैं।

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