पीलीभीत: सख्ती बेअसर! टनकपुर हाईवे पर गन्ने का कहर
पीलीभीत, अमृत विचार। एलएच चीनी मिल की मनमानी के आगे पुलिस अधिकारियों की सख्ती बेअसर साबित हो रही है। सड़कों पर गन्ना वाहनों की बेतरतीब आवाजाही पर लगाम नहीं लग सकी है। सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। लगातार तीसरे दिन टनकपुर हाईवे पर हालात बदतर रहे। दिन में कई …
पीलीभीत, अमृत विचार। एलएच चीनी मिल की मनमानी के आगे पुलिस अधिकारियों की सख्ती बेअसर साबित हो रही है। सड़कों पर गन्ना वाहनों की बेतरतीब आवाजाही पर लगाम नहीं लग सकी है। सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। लगातार तीसरे दिन टनकपुर हाईवे पर हालात बदतर रहे। दिन में कई बार जाम लगा। रात के समय तो भीषण जाम रहा। जिसमें फंसकर राहगीर परेशान हुए। एसपी की ओर से नोटिस भेजने के साथ ही एफआईआर कराई जा चुकी है, लेकिन सख्ती अभी भी हाईवे पर हालात बदलने में कारगर साबित नहीं हो सकी है।
चीनी मिलों के पेराई सत्र की शुरुआत से ही गन्ना वाहनों की दस्तक राहगीरों के लिए मुसीबत बनती रही है। इस पर समय रहते पुलिस-प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए। जिसके चलते अब हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। बीते दिनों चीनी मिल गेट और सेंटर फ्री किए जाने के बाद गन्ना वाहनों की आवाजाही बड़े पैमाने पर हो रही है। एलएच चीनी मिल शहर में आबादी के बीच स्थित है। ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी हालात बदतर हो गए।
पिछले तीन दिन से गन्ना वाहनों का टनकपुर हाईवे पर कब्जा है। गौहनिया चौराहा, नकटादाना खकरा मार्ग, छतरी चौराहा से होते हुए असम चौराहा तक गन्ना वाहन ही सड़क घेरे हुए हैं। जिससे राहगीरों को तपती धूप में जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। एक दिन पूर्व बेकाबू हालात को देखते हुए एसपी दिनेश कुमार पी सख्त हुए। चीनी मिल के अधिकारियों से नाराजगी जताने के साथ ही नोटिस दिए गए। एफआईआर भी करा दी गई।
मगर, उसके बाद भी हालात जस के तस बने रहे। बुधवार रात को भीषण जाम रहा। इसके बाद गुरुवार को भी कई बार दिन में जाम के हालात बने रहे। जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर एंबुलेंस फंसती रही। पुलिस की टीमें जाम खुलवाने को मशक्कत तो करती दिखी, लेकिन गन्ना वाहन अधिक होने और जगह के अभाव में पूर्णतया समाधान नहीं हो सका।
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