खोखले निकले दावे : नया सत्र शुरू, अब तक नहीं करवाया किशोरियों का दाखिला

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मुरादाबाद, अमृत विचार। सरकार भले ही बेटियों को शिक्षित कराने के लिए प्रयासरत हो, लेकिन नीचे बैठे अधिकारी उन प्रयासों में सेंध लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कुछ ऐसा ही काम बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा किया जा रहा है। आलम ये है कि नया सत्र शुरू हुए एक माह …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सरकार भले ही बेटियों को शिक्षित कराने के लिए प्रयासरत हो, लेकिन नीचे बैठे अधिकारी उन प्रयासों में सेंध लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कुछ ऐसा ही काम बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा किया जा रहा है। आलम ये है कि नया सत्र शुरू हुए एक माह पूरा होने जा रहा है। लेकिन अभी तक सर्वे में चयनित 5915 किशोरियों का स्कूल में दाखिला नहीं करवाया जा सका है। जबकि शासन ने भी मई तक प्रवेश प्रक्रिया पूरा करने के सख्त निर्देश दिए थे।

दरअसल राज्य सरकार ने फरवरी 2019 में 11 से 14 वर्ष की किशोरियों के लिए स्कीम फॉर एडोल सेंट गर्ल्स योजना का शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य किशोरियों को शारीरिक रूप से सशक्त और शैक्षिक रूप से सबल बनाना था। इसके लिए बाल विकास विभाग की ओर से जनपद में सुपरवाइजर द्वारा सर्वे कर 5915 बालिकाओं को चिन्हित किया गया। इसमें भगतपुर टांडा ब्लॉक में ही सर्वाधिक 1435 और डींगरपुर ब्लॉक में 1025 किशोरियों ने आर्थिक तंगी के चलते बीच में ही स्कूल छोड़ दिया था। विभागीय अधिकारी की माने तो किशोरियों को प्रति माह खाद्यान्न, आयरन, कैल्शियम व फोलिक एसिड, विटामिन सी आदि की गोलियां भी निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीपीओ अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि किशोरियों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द की किशोरियों की टीसी की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने कौन-सी कक्षा से पढ़ाई छोड़ी थी। इसके बाद बीएसए और डीआईओएस से सामंजस्य बनाकर स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।

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