बरेली: टीबी वार्ड में मरीजों के साथ खाना खा रहे तीमारदार
बरेली,अमृत विचार। 2030 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का सपना संजोए हुए है, लेकिन जिला अस्पताल में किस प्रकार टीबी मरीजों को इलाज और सुविधाएं देने में लापरवाही बरती जा रही है, इसका खुलासा गुरुवार को अमृत विचार की टीम की ओर से की गई पड़ताल में सामने आया। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड …
बरेली,अमृत विचार। 2030 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का सपना संजोए हुए है, लेकिन जिला अस्पताल में किस प्रकार टीबी मरीजों को इलाज और सुविधाएं देने में लापरवाही बरती जा रही है, इसका खुलासा गुरुवार को अमृत विचार की टीम की ओर से की गई पड़ताल में सामने आया। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड के निकट बने टीबी वार्ड में अव्यवस्थाओं का अंबार है।
यहां न तो समय पर मरीजों को दवा मिल रहा है और न वार्ड में सफाई हो रही है। वार्ड में लगी टाइल्स उखड़ने लगी हैं। हैरत की बात तो यह है कि यहां मरीजों के साथ ही तीमारदार उनके बेड पर बैठकर भोजन करते हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोकने वाला कोई नहीं है।
अन्य में संक्रमण फैलने का खतरा
वार्ड में प्रवेश करते ही बाहर ही मरीज और तीमार जमीन पर आराम फरमाते नजर आ जाएंगे वहीं एमडीआर यानि मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट से ग्रसित मरीजों के साथ ही तीमारदार बिना मास्क लगाए बेखौफ भोजन कर रहे हैं। साथ ही जिस बेड पर मरीज लेटे हुए हैं वही पास में दवाएं बेतरतीब ढंग से रखी हुई हैं। स्टाफ की इस अनदेखी की वजह से वार्ड में आने वाले तीमारदारों में संक्रमण का खतरा बना हुआ हैं।
दाल तो मिली लेकिन रोटी का पता नहीं
यहां टीबी वार्ड में भर्ती मरीजों को भोजन देने में भी स्टाफ मनमानी कर रहा है, मरीजों का कहना है कि गुरुवार दोपहर को भोजन में दाल तो मिली,लेकिन कई मरीजों को भोजन बांटने के दौरान रोटियां खत्म हो गई इस पर कई मरीजों को रोटी तक नहीं दी गईं। मरीजों ने स्टाफ से शिकायत की फिर भी रोटी नहीं दी गई।
निरीक्षण में नहीं पड़ी डीएम की नजर
हाल ही में डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था, लेकिन डीएम ने टीबी वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा नहीं लिया था। मरीजों ने बताया कि शौचालय के साथ कई दिनों से वार्ड में साफ-सफाई नहीं की गई जिससे भीषण गंदगी है। यहां रखे कूड़ेदान में कई दिनों से कूड़ा भरा हुआ है।
इन बातों का रखें ध्यान
1–टीबी वार्ड में प्रवेश करने से पहले सर्जिकल मास्क लगाना जरूरी है
2–टीबी ग्रसित मरीजों से कम से कम तीन मीटर की दूरी से बात करनी चाहिए
3–10 साल से कम उम्र के बच्चों को टीबी मरीज के संपर्क से दूर रखना चाहिए
तीमारदारों से बात
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