कानपुर: रेलवे के लिए मुसीबत बन सकती है पतंग, उत्तर मध्य रेलवे की ओर से एडवाइजरी जारी
कानपुर। उत्तर-मध्य रेलवे ने एडवाइजरी जारी करके विद्युतकृत खंडों में रेल पटरी के निकट पतंगबाजी पर रोक लगाने को कहा है। इसके साथ ही पथराव जैसी घटनाओं में लोगों से शामिल न होने को कहा है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सबसे ज्यादा विद्युतीकरण कर चुका उत्तर-मध्य रेलवे रेल सरंक्षा एवं यात्रियों की …
कानपुर। उत्तर-मध्य रेलवे ने एडवाइजरी जारी करके विद्युतकृत खंडों में रेल पटरी के निकट पतंगबाजी पर रोक लगाने को कहा है। इसके साथ ही पथराव जैसी घटनाओं में लोगों से शामिल न होने को कहा है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सबसे ज्यादा विद्युतीकरण कर चुका उत्तर-मध्य रेलवे रेल सरंक्षा एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। रेल प्रशासन सौ प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर तेजी से अग्रसर है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि रेलवे ट्रैक के पास पतंग उड़ाना, रेलवे ट्रैक के पास वहां के निवासी पतंग उड़ाते हैं। ये पतंगें ट्रेन के ओएचई और पेंटोग्राफ से उलझ जाती हैं। यदि पतंग के धागे में धातु की कोई सामग्री हो इससे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को करंट भी लग सकता है। साथ ही इसे ओएचई या पेंटोग्राफ से हटाते समय रेलवे कर्मचारियों को भी नुकसान हो सकता है। कभी-कभी यह ओएचई के टूटने और ट्रेन के रुकने का कारण भी बनता है।
यही नहीं ओएचई पर पॉलीथिन या अन्य कोई सामग्री फेंकना भी भारी परेशानी का कारण बन सकता है। फुटओवर ब्रिज और रोड ओवरब्रिज से कई बार लोग पॉलीथिन और अन्य सामग्री ट्रैक पर फेंक देते हैं। यह कभी-कभी ओएचई पर गिर जाती हैं। पथराव को गैरकानूनी बताते हुए एडवाइजरी में कहा गया है कि रेलवे ट्रैक के पास कभी-कभी पथराव से लोग ओएचई इंसुलेटर को निशाना बनाते हैं जिससे कभी कभी इंसुलेंटर टूट जाता है जो ओएचई ब्रेकडाउन और ट्रेन के परिचालन को प्रभावित कर सकता है।
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