मुरादाबाद : स्मार्ट सिटी के लिए अभी और करना होगा दो साल इंतजार

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विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। भले ही मुरादाबाद को स्मार्ट सिटी का तमगा तीन साल पहले मिल गया है, लेकिन अब शहर पूरी तरह स्मार्ट नहीं बन पाया है। खुद अधिकारी यह कह रहे हैं कि स्मार्ट सिटी बनने के लिए अभी मई 2024 तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि अधिकारी स्मार्ट सिटी मिशन में 36 बड़े …

विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। भले ही मुरादाबाद को स्मार्ट सिटी का तमगा तीन साल पहले मिल गया है, लेकिन अब शहर पूरी तरह स्मार्ट नहीं बन पाया है। खुद अधिकारी यह कह रहे हैं कि स्मार्ट सिटी बनने के लिए अभी मई 2024 तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि अधिकारी स्मार्ट सिटी मिशन में 36 बड़े कार्यों के प्रस्ताव गिनाकर शहर को आधुनिक संसाधनों से युक्त करने का दावा कर रहे हैं।

पांच अरब से अधिक के 36 महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी मिशन में कार्य चल रहा है। इन प्रोजेक्ट के लिए टेंडर भी हो चुका है और कई में कार्य प्रगति पर है। इसमें 202 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा पीलीकोठी में इंटीग्रेटेड सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, जलापूर्ति के लिए स्मार्ट मीटरिंग का विकास, शवदाह केंद्र, सरकारी स्कूल के भवन पर सोलर रूफ टाप, नागरिक सुविधाओं में जोनल आफिस के लिए ई-कियोस्क, ओवर हेड वाटर टैंक का सौंदर्यीकरण, बिजली की बचत के लिए स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सोलर लालटेन, स्काडा के तहत विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आदि कार्य कराए जा रहे हैं।

इन कार्यों के अलावा विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से वातानुकूलित ई बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, भूजल रिचार्ज के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट, वायु प्रदूषण एंड मानीटरिंग के लिए संयंत्र, सरकारी भवनों पर सोलर रूफ टाप, दस स्टेशनों पर नागरिकों के लिए मुफ्त वाई-फाई का कार्य भी चल रहा है। वहीं शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्लांट स्थापित किया गया है। इसमें प्रतिदिन 400 मीट्रिक टन कूड़ा शहर के विभिन्न हिस्सों से उठाकर लीगेसी वेस्ट प्लांट में पहुंचाया जा रहा है।

नगर आयुक्त संजय चौहान ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन में 36 प्रोजेक्ट का टेंडर हो चुका है। इस पर कार्य चल रहा है। यह सभी कार्य मई 2024 तक पूरे हो जाएंगे। इसके पूरा होते ही पूरा शहर स्मार्ट और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो जाएगा।

आपरेशन कायाकल्प से संवरेगी स्कूलों की सूरत
स्मार्ट सिटी मिशन में बेसिक शिक्षा परिषद के 1408 स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसमें नगरीय क्षेत्र में पहले चरण में 24 सरकारी स्कूलों में 84 कक्षाओं में डिजिटल स्मार्ट क्लास का काम पूरा हो गया है। अब 48 स्कूलों में सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार को गति दी जा रही है।

यह हैं बड़े प्रोजेक्ट
कार्य लागत- (करोड़ रुपये)
जलापूर्ति के लिए स्मार्ट मीटरिंग का विकास, 26 करोड़
स्ट्रेथिंग-मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर भवन का निर्माण, 32.82 करोड़
मानव शवदाह स्थल, 4.55 करोड़
सरकारी स्कूल भवनों पर सोलर रूफ टाप, 0.69 करोड़
नागरिकों की सुविधाओं के लिए जोनल आफिसों के लिए ई-कियोस्क, 1.55 करोड़
ओवर हेड टैंक का सौंदर्यीकरण, 1.1 करोड़
ऊर्जा की बचत के लिए स्ट्रीट वेंडर्स को सोलर लालटेन, 0.27 करोड़
स्काडा के तहत पथ प्रकाश के सुदृढ़ीकरण का कार्य, 10 करोड़
ई बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन डिपो, 5.86 करोड़
भूजल रिचार्ज के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट, 2.62 करोड़
सात पार्कों का सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार, 8.26 करोड़
एयर क्वालिटी एंड मानीटरिंग स्टेशन, 8.54 करोड़
सरकारी कार्यालयों के छत पर सोलर रूफ टाप, 6.51 करोड़
नागरिकों के फ्री वाई फाई के लिए दस स्टेशन, 0.74 करोड़

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