मुरादाबाद : बिना समाधान किए शिकायतों पर निस्तारण लिखना पड़ेगा भारी
मुरादाबाद, अमृत विचार। अब बिना समाधान किए उपभोक्ताओं की शिकायतों पर निस्तारण लिखना अधिकारियों के लिए भारी पड़ सकता है। क्योंकि एमडी अरविंद मल्लप्पा शिकायत के संबंध में उपभोक्ता से फीडबैक ले सकते हैं। ऐसे में लापरवाही सामने आने पर संबंध क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 24 घंटे के भीतर बिजली से …
मुरादाबाद, अमृत विचार। अब बिना समाधान किए उपभोक्ताओं की शिकायतों पर निस्तारण लिखना अधिकारियों के लिए भारी पड़ सकता है। क्योंकि एमडी अरविंद मल्लप्पा शिकायत के संबंध में उपभोक्ता से फीडबैक ले सकते हैं। ऐसे में लापरवाही सामने आने पर संबंध क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 24 घंटे के भीतर बिजली से संबंधित शिकायत को दूर करना होगा।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के उपभोक्ता शिकायत नंबर 1912 पर रोजाना 50-60 शिकायत आती हैं, ऐसे में कर्मी कुछ शिकायतों को बिना समाधान किए ही निस्तारित दिखा दे रहे हैं। वहीं कई शिकायतें ऐसी हैं जो कि हफ्तेभर से लंबित चल रही हैं। ऐसे में शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एमडी ने जिले के अधिकारियों की फटकार लगाई। 24 घंटे के भीतर शिकायत का समाधान कराने और उपभोक्ता के फीडबैक के साथ रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। एमडी ने कहा कि वह किसी भी निस्तारित शिकायत की स्वयं भी जांच कर सकते हैं। जिसके बाद अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता ने रविवार को 1912 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के बाद 15 शिकायतकर्ताओं को फोन कर फीडबैक लिया। ऐसे में सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली कटौती की पाई गईं।
दो करोड़ की लागत से बदले जाएंगे ओवरलोड ट्रांसफार्मर
मुरादाबाद। लोगों को जल्द ही ओवरलोड, आए दिन होने वाली ट्रिपिंग आदि की समस्या से निजात मिलेगी। विभाग ने लो वोल्टेज समेत अन्य समस्याओं से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिए ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। विद्युत निगम ने जोन में 80 ट्रांसफर्मर बदलवाने का काम शुरू कर दिया है। जिससे ट्रिपिंग की समस्या से मुक्ति मिलेगी और बिजली सप्लाई में सुधार होगा। अगल-अलग क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने में करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली निगम ने मार्च महीने में ही दावा किया था कि गर्मी से पहले ही मरम्मत करने या ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल और तारों के बदलने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए 32 सब स्टेशन, 33 केवी उपकेंद्र व 11केवी स्विच यार्ड, स्विच गेयर टेस्टिंग एवं मेंटीनेंस का काम कराया गया। लेकिन गर्मी में जैसे ही बिजली की खपत बढ़ी वैसे ही दावे फैल हो गए। ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ने से जगह-जगह फॉल्ट की समस्या आने लगी। एमडी पंकज कुमार ने बताया कि जोन में क्षमता वृद्धि के लिए 200 ट्रांसफर चिन्हित किए गए हैं। फिलहाल शासन से दो करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इससे जोन में 80 ऐसे ट्रांसफर्मर बदल का काम शुरू हो गया है। यह सभी ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग की वजह से फुंक चुके हैं। जिसकी वजह से बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इसमें 10 केवीए से लेकर 400 केवीए की क्षमता वाले ट्रांसफार्मर भी शामिल हैं।
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