Sri Lanka Crisis : श्रीलंका में विरोध प्रदर्शन जारी, प्रदर्शनकारियों ने अब तक 50 से अधिक नेताओं के घर फूंके
कोलंबो। आर्थिक संकट से गंभीर रूप से जूझ रहे श्रीलंका में संघर्ष और आगजनी की घटनाएं खत्म हाेने का नाम नहीं ले रही है। लगातार दूसरे दिन मंगलवार रात राजधानी कोलंबो से सटे निगोंबो शहर में आगजनी की वारदातों को अंजाम दिया गया जिससे बड़े पैमाने पर संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्टाें के मुताबिक …
कोलंबो। आर्थिक संकट से गंभीर रूप से जूझ रहे श्रीलंका में संघर्ष और आगजनी की घटनाएं खत्म हाेने का नाम नहीं ले रही है। लगातार दूसरे दिन मंगलवार रात राजधानी कोलंबो से सटे निगोंबो शहर में आगजनी की वारदातों को अंजाम दिया गया जिससे बड़े पैमाने पर संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्टाें के मुताबिक भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे के स्वामित्व वाले एक लग्जरी हॉलिडे रिजॉर्ट को भी आग के हवाले कर दिया।
इससे पहले सोमवार को उग्र भीड़ ने महिंदा के सरकारी निवास समेत राजनेताओं के 50 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया था। आग के हवाले की जाने वाली संपत्तियों में राजपक्षे परिवार को समर्पित एक विवादास्पद संग्रहालय शामिल है जो देश के दक्षिणी इलाके में स्थित है। हिंसा और संघर्ष का कारण देश के गंभीर आर्थिक संकट जूझने को लेकर लोगों में निराशा है।
राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के पद छोड़ने की इच्छा रखने वाले प्रदर्शनकारियों पर सरकारी समर्थकों द्वारा हमला किए जाने के बाद हिंसा उग्र हो गयी। गुरुवार सुबह तक राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू के तहत बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी दुकानें, व्यवसाय और कार्यालय बंद रहे।
श्रीलंका में पहले ही देश के सामने आर्थिक संकट और आवश्यक वस्तुओं की कमी होने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसके कारण श्रीलंकाई रुपया काफी नीचे गिर गया और विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। देश में विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की आशंका है। सुरक्षा बलों को कानून तोड़ने वालों और लुटेरों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है।
बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को सड़कों पर गश्त लगाने के लिए तैनात किया गया है। देश में सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद कोलंबो के मुख्य विरोध स्थल गाले फेस ग्रीन में प्रदर्शनकारियों का अब भी एकत्रित होना जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति राजपक्षे के कुप्रबंधन के कारण ही देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद हिंसा और अधिक भड़क गयी।
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