पीलीभीत: फर्जी अस्पताल को अभयदान, एसीएमओ कर रहे आनाकानी

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पीलीभीत, अमृत विचार। अवैध तरीके से संचालित हो रहे एक फॉर्मासिस्ट के निजी अस्पताल को एसीएमओ ने अभयदान दे दिया है। निरीक्षण में खामियां मिलने के बाद भी उनकी ओर से कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिखित निरीक्षण आख्या नहीं दी है। जबकि निरीक्षण को पांच दिन बीत चुके हैं। इधर, सीएमओ ने खुद मामला …

पीलीभीत, अमृत विचार। अवैध तरीके से संचालित हो रहे एक फॉर्मासिस्ट के निजी अस्पताल को एसीएमओ ने अभयदान दे दिया है। निरीक्षण में खामियां मिलने के बाद भी उनकी ओर से कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिखित निरीक्षण आख्या नहीं दी है। जबकि निरीक्षण को पांच दिन बीत चुके हैं। इधर, सीएमओ ने खुद मामला संज्ञान में आने के बाद एसीएमओ को पत्र भेजकर निरीक्षण देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इसके बाद भी एसीएमओ की ओर से बिना पंजीकरण के चल रहे फर्जी अस्पताल पर मेहरबान बने हुए हैं।

ऐसे में सरकारी अफसरों की शह पर यह अवैध अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं में भी दीमक लगा रहे हैं। एसडीएम राकेश गुप्ता और एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बीते मंगलवार को पूरनपुर महिला अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। तभी वह पड़ोस में चल रहे एक निजी अस्पताल में भी जा धमके थे। इस पर कर्मचारी मौके से फरार हो गए। अस्पताल में बने लेवर रूम में डिलीवरी में प्रयोग होने वाली दवाएं और ब्लड मौके पर पड़ा मिला।

इसके अलावा अस्पताल के भीतर से निकला एक रास्ता जोकि सीधा सरकारी महिला अस्पताल के अंदर जाकर खुलता है। जब पड़ताल की गई तो पता चला कि यह अस्पताल में एक फॉर्मासिस्ट की ओर से चलाया जा रहा है। साथ ही तीन साल पहले इसका पंजीकरण भी समाप्त हो चुका था। लेकिन इसके बाद भी सांठगांठ के चलते अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।

इसके अलावा जिस जमीन पर अस्पताल बना हुआ है। उस जमीन पर भी संदेह बना हुआ है। अफसरों का शक है कि वह अस्पताल सरकारी जमीन पर बना हुआ है। लेकिन इसक बाद भी एसीएमओ की ओर से निरीक्षण आख्या सीएमओ को नहीं दी गई है। इस पर सीएमओ ने उन्हें पत्र भी जारी किया है। मगर, फिर भी अफसरों के आदेश भी अनसुना कर दिया गया है। ऐसे में अवैध अस्पताल और सरकारी कर्मचारियों पर सांठगांठ के लगने वाले आरोप कहीं न कहीं सही साबित हो रहे हैं।

पत्र जारी करने के बाद भी निरीक्षण आख्या नहीं दी गई है। एसीएमओ को चेतावनी दी गई है। निरीक्षण आख्या मिलते ही कार्रवाई तय की जाएगी।-डॉ

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