झांसी: लापरवाह स्वास्थ्य अधिकारियों पर गिरी गाज, डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का रोका वेतन

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झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने गुरूवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और तमाम तरह की व्यवस्थाओं की स्थिति को देखा। …

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने गुरूवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और तमाम तरह की व्यवस्थाओं की स्थिति को देखा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले प्रातः 10:35 बजे कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी पहुंचकर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली। उपस्थिति की जांच करने पर उन्होंने पाया कि उप मुख्य चिकित्साधिकारी, डॉ. महेन्द्र कुमार, डी.आई.एस.एम. सपन जैन, डी.जी.एम., शशांक पुरोहित, डी.पी.सी. विनय शर्मा, डी.ई.आई.सी. रामबाबू कुमार, सी.ए. सपना वर्मा, नरेन्द्र कुमार, वरिष्ठ सहायक, देवेन्द्र कुमार शर्मा, वरिष्ठ सहायक, अखिलेश भारती एवं चतुर्थ श्रेणी ममता अनुपस्थित पाये गये।

उन्होंने अनुपस्थित पाये गये उपरोक्त कर्मचारियों का एक दिवस का वेतन रोके जाने एवं उनका स्पष्टीकरण लिये जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. अनिल कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि वरिष्ठ सहायक, देवेन्द्र कुमार शर्मा बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। देवेन्द्र कुमार शर्मा का वेतन रोके जाने की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने उक्त प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लिया और निर्देश दिए गए कि वेतन रोके जाने के अतिरिक्त श्री देवेन्द्र कुमार शर्मा पर अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाए।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक, कर्मचारी समयानुसार से कार्यालय में उपस्थित होकर शासन की मंशा अनुसार कार्य करना सुनिश्चित करें उन्होंने कहा कि आगंतुकों एवं शिकायतकर्ताओं के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए उनकी समस्या का निस्तारण समय से किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि एक भ्रमण पंजिका भी तैयार की जाए जिसमें यदि कोई उप मुख्य चिकित्साधिकारी व चिकित्साधिकारी किसी शासकीय कार्यवश भ्रमण पर हो, तो उसका विवरण पंजिका में दर्ज किया जाए, ताकि उनकी कार्यालय भ्रमण पर उपस्थिति सत्यापित किया जा सके।

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