मुरादाबाद : मुगलपुरा में तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़, मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े छह बदमाश

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मुरादाबाद,अमृत विचार। पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड में तमंचे और गोली का काला कारोबार करने वाले छह बदमाश गुरुवार रात मुठभेड़ में मुगलपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बदमाशों के कब्जे से अवैध असलहों की बड़ी खेप के साथ एक ओमनी वैन भी बरामद हुई। इसका उपयोग पांच साल से ‘मोबाइल तमंचा फैक्ट्री’ के रूप में …

मुरादाबाद,अमृत विचार। पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड में तमंचे और गोली का काला कारोबार करने वाले छह बदमाश गुरुवार रात मुठभेड़ में मुगलपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बदमाशों के कब्जे से अवैध असलहों की बड़ी खेप के साथ एक ओमनी वैन भी बरामद हुई। इसका उपयोग पांच साल से ‘मोबाइल तमंचा फैक्ट्री’ के रूप में बदमाश कर रहे थे। हत्थे चढ़े सभी आरोपी मुरादाबाद के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। शुक्रवार को सभी छह आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। वहां से 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया। मुरादाबाद पुलिस की कामयाबी से खुश उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस टीम को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।

एसएसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि डीआईजी के आदेश पर पुलिस पूरे जिले में ‘आपरेशन पाताल’ चला रही है। गुरुवार देर रात मुगलपुरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बरबलान चौकी क्षेत्र में संस्कृत विद्यालय के पीछे रामगंगा के किनारे एक वैन में कुछ संदिग्ध युवक बैठे हैं। सूचना से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद थाना प्रभारी दीपक मलिक ने एसओजी टीम के साथ संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। पहले पुलिस ने चारों तरफ से वैन की नाकेबंदी की। तब तक बदमाशों को पुलिस की आहट मिल गई।

उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। भागने की कोशिश में सभी छह बदमाश वैन समेत पुलिस के हत्थे चढ़ गए। वैन से भारी मात्रा में तमंचा, कारतूस, तमंचा बनाने की मशीन व अन्य सामान पुलिस ने बरामद किया। आरोपियों की पहचान महमूद व मिक्की निवासी ग्राम फरीदपुर हाजी थाना डिलारी, नवाब निवासी चौडे वाली गली गुलाबबाडी थाना कटघर, इलियास निवासी मोहल्ला पीरजादा रोजे वाली मस्जिद थाना कटघर, साइम निवासी असालतपुरा थाना गलशहीद व रोहताश निवासी चमरूआ खानपुर थाना मुढापाण्डे के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने शुक्रवार को सबको कोर्ट में पेश किया। वहां से आरोपी जेल भेज दिए गए। शासन ने मुगलपुरा व एसओजी टीम को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

बदमाशों से बरामदगी
315 बोर के पांच अवैध तमंचे, 11 बोर एक तमंचा, 27 अर्द्धनिर्मित तमंचे, 66 कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक बर्मा मशीन, एक वांक, एक बर्मा की डाई, एक रेमर पीतल, दो कलच का तार, एक प्लास, 10 कटर, एक हथौडी, एक आरी, तीन रेती, एक छोटा गैस सिलेंडर व एक वैन।

मुरादाबाद की जेल में बना तमंचा तस्करों का गिरोह
तमंचे की मोबाइल फैक्ट्री चलाने वाले बदमाशों ने पांच साल पहले मुरादाबाद जेल में गिरोह बनाया। जेल से निकलने के बाद बदमाशों ने पश्चिम यूपी व उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तमंचे की तस्करी शुरू कर दी। पूछताछ में पता चला कि कटघर थाना क्षेत्र के रहने वाले नवाब के खिलाफ मुरादाबाद के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स व एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि डिलारी के रहने वाले महमूद के खिलाफ डिलारी थाने में आर्म्स एक्ट व छेड़छाड़ के छह मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के तीसरे सदस्य इलियास के खिलाफ सम्भल व मुरादाबाद के विभिन्न थानों में लूट, डकैती व हत्या के प्रयास के कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। चौथे बदमाश रोहताश के खिलाफ मूंढापांडे थाने में लूट समेत कई अन्य आरोपों में तीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने जब चारों शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, तो वहां उन्होंने तमंचे की मोबाइल फैक्ट्री चलाने का निर्णय लिया। जेल से निकलने के बाद सभी बदमाश अपनी कारगुजारियों में लिप्त हो गए।

ऐसे करते थे ऑन डिमांड सप्लाई
पुलिस के मुताबिक कानून की गिरफ्त से बचने के लिए बदमाशों ने मोबाइल तमंचा फैक्ट्री का इजाद किया। ओमनी वैन को बदमाशों ने तमंचे की फैक्ट्री बनाई। सुनसान जगह पर वैन में बैठकर वह तमंचा बनाने का काम करते थे। बदमाश की करतूतों की भनक पुलिस को न लगे, इसलिए वह लगातार जगह बदलते रहे। तमंचे बनाने के लिए वह पहले कच्चे माल की खरीद करते थे। फिर वैन की मदद से आन डिमांड सप्लाई भी करते थे। पूछताछ में इलियास ने पुलिस को बताया कि मुरादाबाद से पीतल की रॉड व लोकल बारूद से 315 बोर के कारतूस का वह निर्माण करता था। जबकि रोहताश तमंचे व कारतूस की सप्लाई का अहम किरदार है। पश्चिम यूपी व उत्तराखंड में फैले अपने नेटवर्क की मदद से वह तमंचा बेचता था। एक तमंचे की कीमत पांच हजार से 25 हजार रुपये तक बदमाश वसूलते थे।

अनपढ़ लेकिन, तमंचा बनाने में निपुण
बदमाशों से जो तमंचा बरामद हुआ, उसे देख पुलिस की आंख भी फट गई। प्रथम दृष्टया पुलिस को भी यकीन नहीं हुआ कि अनपढ़ बदमाश उन्नत किस्म के तमंचे बनाने में सिद्धहस्त हैं। मुगलपुरा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि हाथ लगे तमंचे फैक्ट्री मेड हथियारों से कम मारक नहीं हैं। तमंचे का चलता-फिरता कारोबार करने वाले बदमाश ऑन डिमांड सप्लाई करते थे। संभल, काशीपुर, रामपुर, रुद्रपुर, अमरोहा आदि जिले में वैन से पहुंचकर वह अर्द्ध निर्मित असहले तत्काल तैयार करते और बेच देते थे। तमंचा बनाने में बदमाशों की कार्यकुशलता ने पुलिस की नींद उड़ा दी है।

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